सिटी पोस्ट लाइव :राज्य में NDA की नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस ने अपने कमजोर चुनावी प्रदर्शन पर चिंतन शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों और कार्यकारी अध्यक्षों को विस्तृत समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों की घोषणा की है. संविधान बचाओ कार्यक्रम का आयोजन, वोट चोर, गद्दी छोड़ महारैली की तैयारी और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों पर जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें होगीं.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर बिहार कांग्रेस 26 नवंबर (संविधान दिवस) को पूरे राज्य के जिला मुख्यालयों में “संविधान बचाओ कार्यक्रम” का आयोजन करेगी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बढ़ते लोकतांत्रिक जोखिमों और संवैधानिक संस्थाओं पर जारी दबाव के बीच जनता को जागरूक करना आज प्राथमिक जरूरत है. कार्यक्रम के तहत सभी जिलों में संविधान संरक्षण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा” विषय पर विशेष विचार-गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें वरिष्ठ नेता, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और युवा भाग लेंगे.सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम को अनुशासन, गंभीरता और उच्च सहभागिता के साथ आयोजित कर इसकी Action Taken Report प्रदेश कार्यालय भेजी जाए. राजेश कुमार ने कहा कि संविधान रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है. कांग्रेस इसके सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है.
प्रदेश कांग्रेस ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को होने वाली “वोट चोर, गद्दी छोड़ महारैली” को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्षों, मोर्चा-संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रमुखों को तैयारी तेज करने के निर्देश जारी किए हैं. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ छेड़छाड़, मतदाता दमन, वोटर विलोपन और चुनावी आंकड़ों में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह रैली मताधिकार की रक्षा और चुनावी पारदर्शिता बहाल करने की सामूहिक पुकार होगी.
-कांग्रेस की तरफ से हस्ताक्षर अभियान तेज करना– अधिक से अधिक जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.प्रचार-प्रसार एवं मोबिलाइजेशन– गांव-गांव, वार्ड-वार्ड तक रैली का संदेश पहुंचाया जाए.नियमित रिपोर्टिंग– सभी जिलों से प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से भेजी जाए ताकि समन्वय मजबूत रहे.ये तमाम निर्देश दिए गये हैं.राज्य में NDA की नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस ने अपने कमजोर चुनावी प्रदर्शन पर चिंतन शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों और कार्यकारी अध्यक्षों को विस्तृत समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है. निर्देशों के अनुसार जिलों को बूथ-स्तर पर मतदान प्रतिशत और गतिविधियों, प्रचार-प्रसार, स्थानीय मुद्दों, संगठनात्मक स्थिति और गठबंधन की परिस्थितियों का विस्तार से विश्लेषण कर फैक्ट-बेस्ड समीक्षा रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भेजनी होगी.