सोशल मीडिया को बताया सबूत: CNN पर पाकिस्तान रक्षा मंत्री का दावा बना मज़ाक का विषय

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ को CNN के इंटरव्यू के दौरान उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने पांच भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को मार गिराने के दावे का सबूत सोशल मीडिया पोस्ट को बताया। यह बयान इंटरव्यू के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और आलोचना का केंद्र बन गया।

CNN की सीनियर एंकर बेकी एंडरसन ने आसिफ से सीधे सवाल किया: “पाकिस्तान का दावा है कि उसने पांच भारतीय लड़ाकू विमान मार गिराए हैं। भारत कहता है कि इसका कोई सबूत नहीं है। क्या आप इस दावे के लिए कोई प्रमाण दे सकते हैं?” इस पर मंत्री आसिफ ने जवाब दिया: “यह सब सोशल मीडिया पर है। भारतीय सोशल मीडिया पर, हमारे नहीं।” उन्होंने कहा कि विमानों का मलबा गिरा और यह सब भारतीय मीडिया में दिखाया गया है। लेकिन CNN एंकर ने उन्हें तुरंत रोकते हुए कहा: “आप पाकिस्तान के रक्षा मंत्री हैं। हम सोशल मीडिया की बात करने के लिए आपको इंटरव्यू में नहीं बुला रहे हैं”।

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सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ाया गया
इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लाखों बार देखा गया। कई उपयोगकर्ताओं ने मंत्री के जवाब को “गंभीर सैन्य मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान” बताते हुए आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “उन्होंने मूल रूप से कहा – ‘भरोसा रखो, भाई।’” वहीं दूसरे ने टिप्पणी की, “एक दिन भी अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी के बिना पाकिस्तान का दिन पूरा नहीं होता।”

चीनी उपकरणों के सवाल पर टालमटोल
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या चीनी फाइटर जेट या हथियार प्रणाली इस ऑपरेशन में उपयोग किए गए थे, तो आसिफ ने कहा: “हमारे पास JF-17 और J-10 जैसे चीनी विमान हैं, लेकिन ये पाकिस्तान में ही असेंबल और मैन्युफैक्चर होते हैं। अगर भारत फ्रांस से विमान खरीद सकता है, तो हम भी चीन, रूस, अमेरिका और यूके से खरीद सकते हैं”। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन विमानों या हथियारों का उपयोग हालिया झड़पों में हुआ या नहीं। इसके बजाय उन्होंने कहा कि “भारत ने खुद स्वीकार किया है कि उस दिन उनके तीन विमान नीचे गिराए गए।” हालांकि भारत की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बढ़ते तनाव के बीच विश्वसनीयता पर सवाल
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के असत्यापित दावे और असंगत बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अब तक पाकिस्तान द्वारा किसी भी जेट के मलबे, उपग्रह चित्र, या तृतीय पक्ष प्रमाण के रूप में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है।

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