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भोजपुर। आरा में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना रविवार को पटना के पाटलिपुत्र स्थित एक निजी अस्पताल में हुई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जानकारी के अनुसार, मृतक बखरिया गांव के रहने वाले 80 वर्षीय बिंदेश्वरी सिंह थे, जो पेशे से किसान थे। उनके बेटे प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से शुगर के मरीज थे। इसी के इलाज के लिए वे उन्हें शुक्रवार को पटना के एक निजी अस्पताल ले गए थे।
डॉक्टरों ने सलाह दी कि उन्हें दो दिन तक भर्ती रखा जाएगा ताकि सभी जरूरी जांचें की जा सकें। इस दौरान मरीज को नशे की सुई दी गई, जिससे वे सो गए। जब भी वे जागते, उन्हें फिर से सुई देकर बेहोश कर दिया जाता था। इसी बीच उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। परिजनों को अस्पताल बुलाकर जरूरी कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसके बाद ही बताया गया कि मरीज की मौत हो चुकी है।
जब परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाने की मांग की, तो अस्पताल प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। जब परिजनों ने हंगामा किया, तो अस्पतालकर्मियों और बाउंसरों ने उन्हें बाहर निकाल दिया और शव को भी अस्पताल के बाहर रख दिया। परिवार को कहा गया कि वे शव लेकर वहां से चले जाएं। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
मृतक के बेटे प्रदीप सिंह ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत दवा देने और नशे की सुई लगाने से उनके पिता की जान चली गई। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।