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नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्राजील जैसे भारत के रणनीतिक साझेदारों ने दोनों देशों से संयम बरतने और तत्काल तनाव कम करने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाक प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से टेलीफोन पर बात कर शांति बहाली के लिए कदम उठाने पर बल दिया।
जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची के साथ एक बैठक में स्पष्ट किया कि भारत का स्थिति को और भड़काने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन यदि भारत पर कोई सैन्य हमला होता है तो उसका “बहुत ही सख्त जवाब” दिया जाएगा।
रुबियो ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर कहा, “भारत की लक्षित और संतुलित प्रतिक्रिया सराहनीय है। अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।”
यूएस और ईयू की अपील
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार, रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच “सीधी बातचीत” की वकालत की और संचार सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवादियों के लिए किसी भी प्रकार के समर्थन को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की।
यूरोपीय संघ ने भी पहलगाम आतंकी हमले की तीव्र निंदा की। ईयू के विदेश मामलों की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास ने कहा, “आतंकवाद को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। सभी देशों का कर्तव्य है कि वे अपने नागरिकों को आतंकवाद से सुरक्षित रखें।” उन्होंने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे संयम बरतें, नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशें।
ब्राजील ने जताई एकजुटता
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एकजुटता जताई। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई।