जनसुराज से वैचारिक दूरी, बीजेपी मेरी स्वाभाविक पसंद पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा का बड़ा बयान

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आनंद मिश्रा ने हाल ही में एक पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी राजनीतिक सोच और भविष्य की दिशा को लेकर विस्तार से बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जन सुराज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने जा रहे हैं या अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक उन्होंने कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वैचारिक रूप से वह भाजपा के अधिक समीप हैं।

आनंद मिश्रा ने बताया, “मैंने जन सुराज तब जॉइन किया था जब यह एक जन आंदोलन के रूप में था, कोई राजनीतिक दल नहीं। बाद में जब यह पार्टी बनी, तो मैं भी उससे जुड़ा रहा। लेकिन जहां तक विचारधारा की बात है, जन सुराज की सोच वामपंथ से मध्य की ओर झुकी हुई है, जबकि मेरी विचारधारा दक्षिणपंथ से केंद्र के बीच की है।”

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से उनका संबंध कोई नया नहीं है। “जब लोगों ने मुझसे पूछा कि भाजपा को लेकर आपका नजरिया क्या है, तो मैंने साफ कहा कि मैंने तो भाजपा के विचारों से प्रेरित होकर ही आईपीएस की सेवा छोड़ी थी। स्वयंसेवक संघ और आरएसएस के नजदीक होने के कारण भाजपा हमेशा मेरी स्वाभाविक प्राथमिकता रही है।”

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह फिलहाल भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुए हैं। “मेरा मकसद जमीन पर रहकर समाज के लिए काम करना है। मैंने पहले भी एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा है, और अगर भविष्य में हालात ऐसे बनते हैं कि मुझे अपनी राह खुद बनानी पड़े, तो मैं इसके लिए तैयार हूं। जरूरत पड़ी तो अपनी पार्टी भी बना सकता हूं।”

राजनीति में पद या टिकट की लालसा से खुद को अलग रखते हुए उन्होंने कहा, “मुझे किसी पार्टी का टिकट चाहिए या चुनाव लड़ना है, ऐसी कोई लालसा नहीं है। मैं जिस उद्देश्य से सामाजिक क्षेत्र में आया हूं, वही मेरा फोकस है। भले ही मेरा काम बड़े पैमाने पर न दिखे, लेकिन मैं अपने प्रयासों में पूरी ईमानदारी से लगा हूं। मेरा नाम भले लोगों की जुबान पर न हो, लेकिन मेरा अंतरात्मा जानता है कि मैं सही राह पर हूं।”

Share This Article