दिन में स्कूल, रात में डिजिटल अरेस्ट कोर्ट; करोड़ों की ठगी, थार-ब्रेजा जब्त
सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मोतिहारी में साइबर क्राइम का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने ‘BOSS’ नामक साइबर गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। इस हाईटेक गिरोह के सरगना सहित पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से 30 लाख नकद, लग्जरी गाड़ियां, हथियार, और क्रिप्टो करेंसी में किए गए निवेश के दस्तावेज बरामद किए हैं। यह गिरोह खुद को कानून का रक्षक बताकर रात में डिजिटल अरेस्ट कोर्ट चलाता था और भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर मोटी रकम ऐंठता था।
गिरफ्तार किए गए अपराधी दिन में निजी स्कूल चलाते थे, लेकिन रात होते ही मोबाइल, लैपटॉप और सॉफ्टवेयर के ज़रिए लोगों को डरा-धमकाकर डिजिटल माध्यम से ठगते थे। पुलिस को 8055 नंबर प्लेट (अर्थात BOSS) से चलने वाली चार लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं। सभी गाड़ियों पर यही प्रतीक अंकित था, जो गिरोह की पहचान बन चुका था।
गिरोह से बरामद सामग्री:
• ₹29,29,680 भारतीय मुद्रा
• ₹99,500 नेपाली मुद्रा
• 24 स्मार्टफोन, 7 लैपटॉप
• 2 देशी कट्टा, 13 जिंदा कारतूस
• नोट गिनने की 3 मशीनें
• 16 बैंक पासबुक, 49 एटीएम कार्ड, 37 चेकबुक
• SBI ढाका शाखा की मुहर
• महिंद्रा थार, ब्रेजा, बुलेट व अन्य वाहन
• ठगी के रिकार्ड वाली डायरियां
क्रिप्टो करेंसी में भारी निवेश
गिरोह द्वारा ठगे गए पैसों को क्रिप्टो करेंसी और डार्क वेब में ट्रांसफर किया जाता था। जांच में खुलासा हुआ है कि इनका नेटवर्क अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था। पुलिस को कई डिजिटल साक्ष्य और करोड़ों के ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड मिले हैं।
एसपी ने डीएसपी को ₹25,000 इनाम दिया
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर थाना डीएसपी अभिनव परासर के नेतृत्व में की गई। सफल ऑपरेशन पर डीएसपी को ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। यह मामला बिहार में साइबर क्राइम के बदलते चेहरे और हाईटेक ठगी के नेटवर्क का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। पुलिस ने इसे एक बड़ी सफलता बताया है और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है।