सिटी पूस्त लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर एनडीए की नींद हराम कर देनेवाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपना फैसला बदल दिया है. रविवार को नालंदा में हुई रैली में उन्होंने कहा कि मैं बिहार से चुनाव नहीं लडूंगा बल्कि गठबंधन से चर्चा कर उम्मीदवार उतारा जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी के हनुमान कहे जाने वाली चिराग पासवान बैकफुट पर आ गए या फिर उनकी मांगें पूरी हो गई हैं. उन्हें पर्याप्त और मनमाफिक सीटें मिलने का आश्वासन मिल गया है ?
बिहार की राजनीति में इस समय चिराग पासवान काफी चर्चा में हैं. वो रैली और सभाएं कर अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं. शक्ति-परिक्षण कर रहे हैं. केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को राजगीर में आयोजित ‘बहुजन भीम संकल्प समागम’ को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता डरते हैं और पूछते हैं क्या चिराग पासवान चुनाव लड़ेंगे बिहार से? न मैं टूटने वाला हूं. न मैं झुकने वाला हूं. और डरता तो भैया मैं किसी से नहीं. मैं चुनाव लडूंगा, लेकिन बिहार से चुनाव नहीं लडूंगा. बिहार के लिए चुनाव लडूंगा. उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा सीटों पर जाकर चुनाव लड़ने का काम करूंगा. इस दौरान चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर भी जमकर हमला बोला.
चिराग पासवान ने नालंदा के राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम को संबोधित करते हुए कहा कि कहा, “मैं गठबंधन के तहत सभी 243 सीट के लिए चुनाव लडूंगा. उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव मैं (चिराग पासवान) बिहार और बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के लिए चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में साफ हो गया है कि चिराग खुद चुनाव न लड़कर उम्मीदवार उतारेंगे.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जब से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी सियासी हलचल पैदा हो गई थी. इतना ही बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बातचीत की घटना भी सामने आई थी. जिसमें कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम नीतीश कुमार, चिराग पासवान के चुनाव लड़ने की बात से नाराज हैं. उनके बिहार में खुद चुनाव लड़ने से एनडीए गठबंधन में लोजपा (राम विलास) का दवाब बढ़ जाता.