बिहार वोटर लिस्ट विवाद: ऋतुराज सिन्हा का तेजस्वी यादव पर हमला, बोले – ‘अराजकता फैलाने का अधिकार किसी को नहीं’

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (वोटर लिस्ट रिवीजन) को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव ऋतुराज सिन्हा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सहित उनके सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा है। सिन्हा ने विपक्षी दलों पर जनता के बीच भ्रम और भय फैलाने का आरोप लगाया है, और कहा है कि जनता उनकी चाल को समझ रही है तथा इस चुनाव में उन्हें इसका जवाब जरूर देगी।

लोकतंत्र में अराजकता नहीं:

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ऋतुराज सिन्हा ने विपक्षी दलों की ‘आदतों’ पर सवाल उठाते हुए कहा, “विपक्षी दलों की एक आदत बन गई है कि पहले कहते हैं कि संविधान खतरे में है, फिर सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग या अन्य सरकारी एजेंसियों के निर्णयों को नकार देंगे। ये कहां का लोकतंत्र है?” उन्होंने जोर देकर कहा, “लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी सबको है, आराजकता फैलाने का अधिकार किसी को नहीं।” उनका यह बयान हाल ही में बिहार बंद के दौरान सड़कों पर हुई गतिविधियों के संदर्भ में आया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विपक्ष को घेरा:

ऋतुराज सिन्हा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने भी विपक्षी दलों की “झूठ और भ्रम फैलाने की नीति” पर चोट की है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के फैसले पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट के इस रुख को उद्धृत किया कि “हम कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि न्याय के हक में है कि चुनाव आयोग आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और राशन कार्ड को भी दस्तावेजों में शामिल करने पर विचार करें।”

सिन्हा ने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा, “अब देखना यह है कि क्या राहुल बाबा और तेजस्वी यादव जी सुप्रीम कोर्ट जिसकी कल तक वो दुहाई दे रहे थे, अब उस सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेंगे कि उसको भी असंवैधानिक सिद्ध करने के लिए लग जाएंगे।” उन्होंने इसे विपक्ष की “अगर मेरे मन का हुआ तो ठीक है और अगर मेरे मन के विपरीत कुछ हुआ तो वो गैर कानूनी हो गया” वाली मानसिकता बताया।

तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमला: ‘लालटेन युग’ अब नहीं

ऋतुराज सिन्हा ने एक बयान जारी कर तेजस्वी यादव के सामने कई गंभीर सवाल खड़े किए और उन्हें सलाह भी दी। उन्होंने पूछा, “तेजस्वी जी, आप क्यों जनता के बीच भ्रम और भय फैला रहे हैं?” सिन्हा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि तेजस्वी यह भूल जाते हैं कि “बिहार में राजद काल का अंधेरा अब छंट गया है। अब लालटेन की जरूरत किसी को नहीं है, आज हर तरफ रोशनी और प्रकाश है।” उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि उन्हें मान लेना चाहिए कि “सच्चाई की रोशनी के सामने झूठ के अंधेरे का टिकना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि “बिना तर्क के जनता को भ्रमित करने का, भयभीत करने का वही पुराना टूलकिट, संविधान खतरे में है, आरक्षण खतरे में है, फिर बार प्रयोग हो रहा था, जो कल बिहार बंद के दौरान बिहार के सड़कों पर देखने को मिला।”

अपने बयान के अंत में, ऋतुराज सिन्हा ने विपक्षी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, “राहुल बाबा और तेजस्वी यादव जी ये अच्छी तरह से समझ लें कि राम जी के देश में झूठ और भ्रम पनप नहीं सकता।” यह टिप्पणी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में विपक्ष को घेरने का भाजपा का प्रयास प्रतीत होती है।

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