बिहार में पहली ही बारिश नहीं झेल पाई ये फोरलेन सड़क, करोड़ों की लागत हो गई चौपट.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में किस क्वालिटी की सड़कें बन रही हैं इसका खुलासा पहली बारिश में हो गई है. सहरसा के ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन सड़क उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हो गई है.उदघाटन स्थगित करना पड़ा है क्योंकि पहली बारिश में सड़क का हिस्सा धंस गया है. ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन सड़क इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. इस सड़क का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 15 जुलाई को करना था. उद्घाटन की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं, और हेलीपैड तक बनाया गया था. लंबे समय से चल रहा निर्माण कार्य अब ताजपुर से चकलासही तक 16 किलोमीटर की दूरी में पूरा हो चुका था. स्थानीय प्रशासन और ठेकेदार उद्घाटन को लेकर उत्साहित थे, लेकिन कार्यक्रम स्थगित हो गया. पहली बारिश में ही ताजपुर गांधी चौक के पास सड़क का एक हिस्सा 4-5 फीट तक धंस गया.

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धंसी हुई सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसमें दिखा कि सड़क की परतें अंदर से बैठ चुकी थीं. वीडियो वायरल होते ही संवेदक के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और रातोंरात सड़क के उस हिस्से की मरम्मत कर दी गई. लोकल 18 की टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि सड़क को अस्थायी रूप से मिट्टी और गिट्टी से भरा गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत सिर्फ दिखावे के लिए की गई है. सड़क करीब 5 फीट की लंबाई में धंसी थी, जिसे रातोंरात मिट्टी से भरकर पिचिंग कर दिया गया. दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने कहा कि मरम्मत के दौरान कोई ड्रेनेज या पानी निकासी व्यवस्था नहीं दिखाई दी, जिससे आगे और हिस्से भी बारिश में बैठने की आशंका है.

बिहार में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. लोगों का कहना है कि जब करोड़ों की लागत से बनी सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाई, तो आगे क्या होगा? सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण के दौरान तकनीकी जांच सही तरीके से हुई थी? क्या जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई थी? और यदि नहीं, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे निर्माण से जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग हो रहा है और लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है. सोशल मीडिया पर भी लोग व्यंग्य कर रहे हैं.

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