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चैटजीपीडी जैसे बॉट बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपनी कंपनी के नए AI मॉडल चैटजीपीटी-5 की तुलना परमाणु बम से किया है। ऑल्टमैन की इस बात ने AI के संभावित खतरों को लेकर अब दुनियाभर में नई बहस छिड़ गई है। उन्होंने इसको लेकर खुद को बेकार बताया है। वहीं, अगले महीने ऑल्टमैन भारत के दौरे पर आ सकते हैं। आइए जानते हैं उन्होंने ChatGPT-5 की तुलना परमाणु बम से क्यों किया।
दरअसल, एआई के नए मॉडल ChatGPT-5 कल 7 अगस्त को लॉन्च किया गया है। ओपन AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने चैटGPT-5 की तुलना मैनहट्टन प्रोजेक्ट से की है। उन्होंने कहा- विज्ञान में कुछ ऐसे पल आते हैं जब लोग अपनी बनाई चीज को देखकर पूछते हैं, हमने क्या कर दिया। उनके लिए GPT-5 ऐसा ही एक पल है। साथ ही चिंता जताई कि AI की रफ्तार इतनी तेज है कि दुनिया के नियम-कायदे और सरकारें इसके साथ कदम नहीं मिला पा रही हैं। यानी निगरानी और नियंत्रण की भारी कमी दिख है। इसने ChatGPT-5 के मुकाबले GPT-4 को काफी कमजोर माना जा रहा है। साथ ही नए मॉडल में मल्टी-स्टेप रीजनिंग, लंबी मेमोरी और मल्टीमॉडल जैसे क्षमताएं (टेक्स्ट, इमेज, और डेटा प्रोसेसिंग) हैं जो GPT-4 को पछाड़ देता है।
हालांकि, सैम को चिंता है कि अगर इस तकनीक को सही ढंग से नियंत्रित नहीं किया गया, तो ये सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, ChatGPT-5 फ्री, प्लस, प्रो, और टीम यूजर्स सभी के लिए उपलब्ध है। और अगले हफ्ते से एंटरप्राइज और एजुकेशन यूजर्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑल्टमैन अगले महीने भारत दौरे पर आ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका के बाद भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बाजार बताया है।