सिटी पोस्ट लाइव
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के चुनाव आयोग को दिए गए आदेश का स्वागत किया। उन्होंने इस फैसले को लोकतंत्र और प्रजातंत्र की जीत बताया और कहा कि जिन मुद्दों को वे लगातार उठाते रहे हैं, आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हीं पर अपनी मुहर लगाई है। तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट के तीन बड़े आदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि यह निर्णय ऐतिहासिक हैं।
तेजस्वी यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनकी एक विस्तृत सूची अपनी वेबसाइट पर जारी करे। इसके साथ ही, नाम हटाने का कारण भी स्पष्ट रूप से बताया जाए। उन्होंने कहा, “हम लगातार इस बात की मांग कर रहे थे कि जिन लोगों के नाम मनमाने ढंग से काटे गए हैं, उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि उन्हें सुधारने का मौका मिल सके।”
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दूसरे आदेश का भी स्वागत किया, जिसमें आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह भी उनकी पुरानी मांग थी, जिससे फर्जी मतदान और डुप्लीकेट नामों की समस्या को खत्म किया जा सके।
तीसरे आदेश के बारे में बताते हुए, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस पूरे मामले को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करे और जनता के बीच जागरूकता फैलाए। उन्होंने कहा, “हम भी यही कह रहे थे कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है और चुनाव आयोग को इस पर पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए।”
तेजस्वी यादव ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र को जिंदा रखा है और भाजपा के लोग जो चाहते थे, वह नहीं हुआ। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनका सुप्रीम कोर्ट पर पहले भी भरोसा रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये तीनों निर्णय ऐतिहासिक हैं और प्रजातंत्र की जीत है।