फ्लैट में पालतू रखने से पहले जान लें ये नियम, वरना हो सकती है मुश्किल…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

देश में पिछले कुछ दिनों से स्ट्रे डॉग्स को लेकर बहस तेज है। आज हम पको बताएंगे कि सोसाइटी में पालतू जानवर रखने को लेकर क्या नियम है। और उससे हुई चोट या नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?

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प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) कहता है की कोई भी सोसाइटी आपको पालतू जानवर रखने से मना नहीं कर सकती है। सर्वोच्च नयायालय ने भी 2020 और 2022 के मामले में स्पष्ट किया कि सोसाइटी में पालतू जानवर रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत आता है। आपको ये भी बता दें कि सोसाइटी पालतू कुत्ते को लिफ्ट, पार्क या कॉमन एरिया में ले जाने से नहीं रोक सकती है। वहीं, वॉक के लिए टाइम और वाकिंग ट्रैक तय कर सकती है। साथ ही, पालतू कुत्ते से हुई गंदगी को साफ करने की जिम्मेदारी मालिक की ही होती है। हालांकि, BNS 2023 की धारा 291 के तहत, अगर मालिक अपने पालतू को नियंत्रित रखने या दूसरों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी नहीं बरतता तो यह अपराध माना जाएगा। अगर आपका पालतू कुत्ता किसी को काट ले, चोट पहुंचा दे या किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाए तो उसकी कानूनी और आर्थिक जिम्मेदारी सीधे मालिक की होती है। इस कंडीसन में अधिकतम 6 महीने की कैद या 5000 रुपए तक जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा सोसाइटी पालतू जानवरों की संख्या पर भी मनमानी रोक नहीं लगा सकती। लेकिन सभी निवासियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बना सकती है।

सोसाइटी में पालतू कुत्ता पालते समय इन बातों का रखें ध्यान:-
1) कुत्ते की गंदगी तुरंत साफ करें।
2) कॉमन एरिया में हमेशा पट्टा और माउथ गार्ड लगाएं।
3) सोसाइटी के नियमों को फॉलो करें।
4) डॉग का नियमित वैक्सिनेशन और हेल्थ चेकअप कराएं।
5) बच्चों और अन्य पालतू जानवरों से दूरी बनाए रखें।

जानकारी के लिए बता दें कि अगर पालतू कुत्ता बीमार या संक्रमित है तो उसे सोसाइटी के कॉमन क्षेत्र में नहीं ले जाएं। वहीं, अगर आपको पालतू कुत्ते से किसी भी तरह की परेशानी होती है तो आप सबसे पहले उसके मालिक से बात करें। उसके बाद भी परेशानी होती हैं तो फिर भी प्रॉब्लम होती है तो कानूनी सहायता ले सकते है।

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