सिटी पोस्ट लाइव
बिहटा में बालू माफिया और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ के बाद एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, कई अन्य हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के बढ़ते जाल को उजागर कर दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है।

तीन घटनाओं को जोड़कर NIA ने दर्ज किया एक मामला
NIA ने सिर्फ बिहटा ही नहीं, बल्कि नालंदा और कैमूर में हुई ऐसी ही दो अन्य घटनाओं को भी इसमें शामिल कर लिया है। हाल ही में नालंदा के दो स्थानों पर और कैमूर में एक स्थान पर भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए थे। इन तीनों घटनाओं में हथियारों की बरामदगी की प्रकृति और मात्रा में समानता को देखते हुए, NIA ने एक साथ तीनों मामलों को मिलाकर एक मामला दर्ज कर लिया है।
जांच का दायरा बढ़ा, कोर्ट को दी गई जानकारी
मामला दर्ज करने के बाद, NIA ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी कल देर रात कोर्ट को दी। NIA का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे एक बड़ा और संगठित आपराधिक गिरोह काम कर रहा है, जो अवैध हथियारों की तस्करी में लिप्त है। अब तक इन मामलों की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन अब NIA इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करेगी। एजेंसी का उद्देश्य इस गिरोह के सरगनाओं, उनके फंडिंग स्रोतों और उनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।