प्रशांत किशोर के आरोपों पर अशोक चौधरी का पलटवार: ‘साक्ष्य दें या कोर्ट में मिलें’

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के बीच चल रही जुबानी जंग अब कानूनी मोड़ लेती दिख रही है। प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए बेनामी संपत्ति और पैसों के लेनदेन के आरोपों पर अशोक चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। सिटी पोस्ट लाइव यूट्यूब चैनल पर पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के साथ एक इंटरव्यू में अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिस भेजने की जानकारी दी और उनसे अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत पेश करने की चुनौती दी। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर द्वारा राज्य के मंत्री अशोक चौधरी पर लगाए गए बेनामी संपत्ति और पैसों के लेनदेन के आरोपों के जवाब में अब अशोक चौधरी ने कानूनी नोटिस भेज दिया है।

दरअसल, प्रशांत किशोर ने दावा किया कि अशोक चौधरी ने 2019 में अपने पूर्व पर्सनल असिस्टेंट (PA) योगेंद्र दत्त के नाम पर 34 लाख रुपये की जमीन खरीदी और दो साल बाद 2021 में वही जमीन अपनी बेटी शांभवी चौधरी के नाम करा दी। किशोर का यह भी आरोप है कि इस जमीन की पूरी कीमत एक साथ अदा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 2021 में केवल 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया और शेष 24 लाख रुपये का भुगतान आयकर विभाग की पूछताछ के बाद अप्रैल 2025 में किया गया।

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पीके ने इसे “बेनामी संपत्ति का क्लासिक उदाहरण” बताया और कटाक्ष करते हुए कहा, “अशोक चौधरी खुद को महादेव का भक्त बताते हैं, लेकिन असल में वो लक्ष्मी के भक्त हैं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के साथ एक यूट्यूब इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिस भेजा है और उनसे आरोपों के साक्ष्य मांगे हैं। उन्होंने कहा, “आरोप लगाना आसान है, लेकिन प्रमाण देना ज़रूरी है।”

अशोक चौधरी ने कहा, “आरोप तो कोई भी किसी पर भी लगा सकता है, लेकिन हमने कानून का सहारा लिया है। हमने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है कि आप जो तीन आरोप लगा रहे हैं, उनका प्रमाण दीजिए। उन तीनों आरोपों का प्रमाण दीजिए या फिर जमीन का पेपर दीजिए। अब वो हमसे कोर्ट केस लड़ें।”प्रशांत किशोर ने एक और आरोप लगाया था कि अशोक चौधरी ने एक ट्रस्ट के अकाउंट से पैसों का लेनदेन किया। इस पर भी चौधरी ने सबूतों की मांग की। उन्होंने कहा, “आप सबूत दें, किस अकाउंट से किस अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ, सबूत दें। कोई एक नहीं, कोई और अकाउंट है? पच्चीस पैसे का भी नहीं है।”

अशोक चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें जमीन के सौदों या पैसों के लेनदेन से संबंधित सभी आरोपों के लिए सबूत चाहिए। वे लगातार एक ही बात दोहरा रहे हैं, “साक्ष्य दीजिए।” उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर केवल हवा में बातें कर रहे हैं और उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं है। इस कानूनी नोटिस के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत किशोर की क्या प्रतिक्रिया होती है और यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है।

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