पानी से बढ़ेगी व्रत की ताकत, जानिए कैसे रखें खुद को हाइड्रेट और हेल्दी…

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव

व्रत के दौरान शरीर और मन दोनों की शक्ति बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे में अक्सर लोग खाने से परहेज करतें है, लेकिन पानी पीने को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि सच यह है कि उपवास के दौरान हाइड्रेट रहना जरूरी है। आइए जानते हैं डिहाइड्रेशन से क्या नुकसान हो सकते हैं?और क्या इससे भूख कंट्रोल करने में मदद मिलती है?

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व्रत के दौरान पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और यह डिटॉक्स प्रक्रिया को भी सपोर्ट करता है। ऐसे में पानी की कमी होने से शरीर के बेसिक फंक्शन प्रभावित होने लगते हैं।

व्रत में लगातार पानी पीने के 8 बड़े फायदे:
शरीर हाइड्रेटेड रहता है।
टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
आंतों की क्लिजिंग होती है।
भूख कंट्रोल में रहती है।
मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
स्किन ग्लोइंग और हेल्दी होती है।
पाचन तंत्र सुधरता है।


हालांकि, व्रत में पानी की कमी से कई तरह के नुकसान भी हो सकते है। सबसे पहले सिरदर्द और चक्कर आने लगता है, उसके बाद मुंह और गला सूखने लगता है। फिर पेशाब का रंग येलो होने लगता है। वहीं, थकान और सुस्ती जैसा महसूस होने लगता है। पेट में भारीपन या कब्ज की समस्याएं पैदा हो जाती है। इसके साथ ही स्किन में रूखापन, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स होने लगता है।

बता दें, व्रत में भूख कंट्रोल करने के लिए हरेक एक घंटे में पानी पीना जरूरी है। कोशिश करें कि गुनगुना या नॉर्मल पानी पीते रहें। वहीं, नींबू या नारियल पानी जितना ज्यादा पिएं उतना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा हर्बल टी भी ले सकते हैं।

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