NDA में सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है, लेकिन खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही। नीतीश कुमार की नाराजगी के बीच अब जीतन राम मांझी भी उनके समर्थन में खुलकर आ गए हैं। मांझी ने ऐलान किया है कि वे गया की दो सीटों- बोधगया और मखदुमपुर पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। वहीं, दोनों सीटें चिराग पासवान के खाते में हैं।
दरअसल, कहलगांव सीट को लेकर विरोध तेज हो गया था। तो इसे लेकर भागलपुर सांसद ने नाराज होकर अपना इस्तीफा नीतीश कुमार को भेज दिया, जिसके बाद भाजपा ने यह सीट ही छोड़ दी। इसी तरह काराकाट सीट भी भाजपा ने जदयू के लिए छोड़ दी है। ऐसे में अब कहलगांव और काराकाट, दोनों सीटें जदयू के खाते में आ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार NDA में 9 सीटों के बंटवारे से नाराज बताए जा रहे हैं और उन्होंने भाजपा से इन सीटों पर दोबारा विचार करने की मांग की है। इस बीच सोनबरसा सीट का मामला भी सुर्खियों में है। यहां से जदयू विधायक और मंत्री रत्नेश सदा को दोबारा टिकट दिया गया है, जबकि यह सीट पहले NDA की शेयरिंग लिस्ट में एलजेपी (रामविलास) के हिस्से में थी।
हालांकि, सोमवार को नीतीश कुमार ने खुद रत्नेश सदा को पार्टी सिंबल सौंपते हुए साफ कर दिया कि जदयू अपने फैसलों पर अडिग है। रत्नेश सदा मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे। जदयू के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, राजगीर सीट चिराग के खाते में जाने से भी नीतीश कुमार बेहद खफा हैं।