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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए कांग्रेस ने गुरुवार रात (तिथि और समय दिए गए पाठ पर आधारित) को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस पहली सूची में कुल 48 उम्मीदवारों के नाम हैं, जिनमें से 24 उम्मीदवार पहले चरण के लिए हैं। पार्टी ने राज्य इकाई के अध्यक्ष राजेश राम और विधायक दल के नेता शकील अहमद खान जैसे प्रमुख चेहरों को मैदान में उतारा है।

कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा सीट से फिर से टिकट दिया है, जहाँ से उन्होंने पिछली बार जीत हासिल की थी। वहीं, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान कटवा सीट से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों में से कई को बरकरार रखा है, जो यह दर्शाता है कि पार्टी उन सीटों पर अपने मजबूत आधार को बनाए रखना चाहती है।

सूची जारी होने के साथ ही पार्टी ने उन उम्मीदवारों पर भी भरोसा जताया है जो 2020 के चुनाव में कड़ी टक्कर देने के बाद हार गए थे। यह कदम बताता है कि कांग्रेस उन सीटों को वापस जीतने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ पिछली बार जीत का अंतर काफी कम था।
सीट बंटवारे की स्थिति और गठबंधन में चुनौती: हालांकि, सीट-बंटवारे की व्यवस्था पर आधिकारिक घोषणा अभी भी प्रतीक्षित है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस 59 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है, जिसमें से दो सीटें इंडिया इंक्लूसिव पार्टी को दी जा सकती हैं।
सबसे महत्वपूर्ण टकराव बछवाड़ा सीट पर देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने बिहार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास को बछवाड़ा से मैदान में उतारा है। जबकि, आई.एन.डी.आई.ए गठबंधन में सहयोगी सी.पी.आई. ने पहले ही इस सीट से अवधेश कुमार राय की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। अवधेश कुमार राय पिछली बार केवल 737 वोटों के बहुत कम अंतर से चुनाव हार गए थे। गठबंधन के भीतर एक ही सीट पर दो सहयोगियों का उम्मीदवार उतारना सीट-बंटवारे को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान को उजागर करता है।
इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने नालंदा सीट से कौशलेंद्र कुमार ‘छोटे मुखिया’ को मैदान में उतारा है। दिलचस्प बात यह है कि 2020 में, वह जनतांत्रिक विकास पार्टी के टिकट पर दूसरे स्थान पर रहे थे और उस समय कांग्रेस को इस सीट पर तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। अब उन्हें पार्टी में शामिल करके टिकट देना, कांग्रेस की रणनीति को दर्शाता है कि वह अन्य दलों के मजबूत स्थानीय चेहरों को शामिल कर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
सामाजिक समीकरणों पर नज़र: जारी की गई 48 उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक और लैंगिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा गया है। इस सूची में पाँच महिला उम्मीदवार और चार मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी ने सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 19 सीटों पर ही जीत मिली थी। पार्टी के सामने 2025 के चुनाव में अपनी सीटों की संख्या में सुधार करने की बड़ी चुनौती है, और यह पहली सूची उसी दिशा में पार्टी के प्रयासों को दर्शाती है।