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बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज 2 दिसंबर 2025 गया टाउन से लगातार नौ बार के विधायक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रेम कुमार को बिहार विधानसभा का 18वां अध्यक्ष चुन लिया गया है। उनके इस पद पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा सदन में कर दी गई है। डॉ. प्रेम कुमार ने अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को ही नामांकन दाखिल किया था और इस शीर्ष संवैधानिक पद के लिए वह अकेले उम्मीदवार थे, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय हो गया था।
सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन था। सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के साथ हुई। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सदन की कार्यवाही शुरू की और चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराई। एनडीए गठबंधन की ओर से प्रेम कुमार एकमात्र उम्मीदवार थे, जिसका अर्थ है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी थी। उनके नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित एनडीए के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे, जो गठबंधन की एकता को दर्शाता है।
पहले दिन ली गई थी शपथ
इससे पहले, सत्र के पहले दिन सोमवार 1 दिसंबर 2025 को 235 नवनिर्वाचित विधायकों को प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। इस प्रक्रिया में कई वरिष्ठ और नए चेहरों ने शपथ ली। इस शीतकालीन सत्र का आयोजन 1 से 5 दिसंबर 2025 तक किया जा रहा है।
वरिष्ठता और अनुभव का मिला पुरस्कार
डॉ. प्रेम कुमार को बिहार भाजपा के सबसे कद्दावर और अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। वह 1990 से लगातार गया सदर सीट से विधायक चुने जा रहे हैं। उनकी यह नौवीं जीत है, जिसने उन्हें सदन की सर्वोच्च कुर्सी तक पहुंचाया है। राजनीतिक जीवन के 35 वर्षों में उन्होंने कृषि, पथ निर्माण, नगर विकास, सहकारिता और पर्यावरण जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। एक अनुभवी प्रशासक और विधायक होने के नाते, उन्हें सदन के संचालन का व्यापक अनुभव है, जो अध्यक्ष पद के लिए उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
डॉ. प्रेम कुमार के अध्यक्ष बनने से विधानसभा और विधान परिषद दोनों में ही प्रमुख पद पर अब BJP का कब्जा हो गया है, क्योंकि विधान परिषद में सभापति की कुर्सी पर पहले से ही भाजपा के अवधेश नारायण सिंह हैं। यह 2025 के विधानसभा चुनावों में BJP के सबसे बड़ी पार्टी (89 सीटें) बनकर उभरने के बाद पार्टी के बढ़ते राजनीतिक कद को भी दर्शाता है।
आगे की रणनीति
नए विधानसभा अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि वह विधानसभा की नियमावली के अनुसार ही सदन का संचालन करेंगे और सभी दलों का सहयोग लेंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस बार 99 से अधिक नए सदस्य चुनकर आए हैं, इसलिए उन्हें सदन की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।