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क्रिसमस के पावन अवसर पर आज पूरा देश उल्लास और प्रार्थना के रंग में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की सुबह दिल्ली के ऐतिहासिक ‘द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन’ पहुंचकर प्रार्थना सभा में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान न केवल प्रभु यीशु मसीह के चरणों में शीश नवाया, बल्कि वहां मौजूद श्रद्धालुओं के साथ मिलकर शांति और भाईचारे का संदेश भी साझा किया।

प्रार्थना सभा में शिरकत और संदेश
प्रधानमंत्री मोदी सुबह के समय चर्च पहुंचे, जहां चर्च प्रबंधन और पादरियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रार्थना सभा के दौरान पीएम मोदी ने पवित्र भजनों को सुना और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित बच्चों और आम नागरिकों से बातचीत की और उन्हें क्रिसमस की बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा करते हुए लिखा: “क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना सभा में प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश झलकता है। मुझे आशा है कि क्रिसमस की यह भावना हमारे समाज में सद्भाव, स्नेह और भाईचारे को और अधिक मजबूत करेगी।”
कैथेड्रल चर्च का ऐतिहासिक महत्व
दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू के पास स्थित ‘द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन’ अपनी भव्यता और वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह दिल्ली के सबसे पुराने चर्चों में से एक है। क्रिसमस के अवसर पर इस चर्च को विशेष रूप से फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान चर्च परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

सांस्कृतिक मेलजोल की परंपरा
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी क्रिसमस पर चर्च पहुंचे हैं। पिछले साल भी उन्होंने दिल्ली के एक चर्च में जाकर प्रार्थना की थी और ईसाई समुदाय के गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी की थी। गोवा के ऐतिहासिक चर्चों से लेकर दिल्ली के गिरजाघरों तक, पीएम मोदी की ये यात्राएं ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के उनके मंत्र को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी जोर दिया कि क्रिसमस नई आशा और दयालुता के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनके इस दौरे को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकता और समावेशिता को बढ़ावा देने वाले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।