सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के समस्तीपुर जिले में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुरघाट का है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने भाजपा नेता रूपक सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे जिले में राजनीतिक और सामाजिक उबाल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
वारदात और पुलिस की गाज
घटना की जानकारी मिलते ही समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद प्रताप सिंह ने मामले की कमान संभाली और स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसके बाद एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खानपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुरानी दुश्मनी बनी मौत का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह पूरी वारदात दो पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का परिणाम है। बताया जा रहा है कि रूपक सहनी और दूसरे पक्ष के बीच पहले से ही तनातनी थी, जिसकी सूचना पुलिस को पहले भी दी गई थी। बुधवार को यह विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर रूपक सहनी को मौत की नींद सुला दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, अपराधियों ने बड़ी बेखौफी के साथ वारदात को अंजाम दिया।
स्पेशल टीमों का गठन और गांव में पुलिस छावनी
हत्याकांड के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। एसपी ने मामले की तह तक जाने के लिए तीन विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन किया है। ये टीमें फरार अपराधियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को दबोच लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
भाजपा नेता की हत्या के बाद जिले के राजनीतिक नेताओं ने भी कड़ा रोष जताया है और दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा देने की मांग की है। फिलहाल, शादीपुरघाट में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सन्नाटा और डर का माहौल पसरा हुआ है।