- राजनीतिक हलचल तेज, विपक्षी दलों ने सरकार पर दागे तीखे सवाल
सिटी पोस्ट लाइव
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई जारी है। ताजा मामले में ईडी ने भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर (उत्तर) तारिणी दास के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई। ईडी की टीम तड़के सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच पटना स्थित तारिणी दास के आवास पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि नकदी इतनी अधिक मात्रा में मिली कि ईडी अधिकारियों को नोट गिनने के लिए कई मशीनें मंगवानी पड़ीं।
IAS आईएएस संजीव हंस मामले से जुड़ा मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का हिस्सा है। संजीव हंस, जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं, पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर चुके हैं। वर्ष 2017 में उन पर एक महिला ने गैंगरेप और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद 2023 में पटना के रूपसपुर थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पटना, दिल्ली समेत देश के कई शहरों में छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए थे।
जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईडी की टीम ने कई गाड़ियों के साथ दस्तक दी और तारिणी दास से घंटों तक पूछताछ की। उनके अलावा, कुछ अन्य अधिकारियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई जारी है। ईडी को संदेह है कि यह भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क है, जिसमें कई उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

ईडी की इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं और इसे भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बताया है। ईडी की छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी पर राजद विधायक अख्तरुल इमान शाहीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। राजद विधायक मुकेश रोशन ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है और अधिकारी लूट-खसोट में लगे हुए हैं।
अगर किसी भी विभाग के इंजीनियर के यहां छापेमारी हो तो अरबों की संपत्ति बरामद होगी। बिहार के तमाम विभागों में बड़े पैमाने पर लूट मची हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री इसे नियंत्रित करने में पूरी तरह असक्षम हैं। बिहार अब भ्रष्टाचार की राजधानी बन चुका है और अगर जांच एजेंसियां सही तरीके से काम करें, तो इतना बड़ा भ्रष्टाचार का अड्डा पूरे देश में कहीं और नहीं मिलेगा।
– अख्तरुल इमान शाहीन, राजद विधायक
इस राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, देश-दुनिया में ऐसे भ्रष्ट अधिकारी नहीं हुए। सरकार जिन अफसरों को मान-सम्मान देती है, उनके यहां छापेमारी हो तो और भी ज्यादा रकम मिलेगी। बिना पैसे के जिला, अनुमंडल, ब्लॉक—कहीं कोई काम नहीं होता। प्रोटोकॉल खत्म हो चुका है, विधायकों के फोन पर एसपी तक इज्जत नहीं देते। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, दो-चार लोग मिलकर सरकार चला रहे हैं और बिहार की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। इनकी राजनीति सिर्फ सप्लायर की रही है, जो जनता और अमाउंट से प्रेम नहीं करता, बल्कि सिर्फ अपनी जेब भरता है। सदन से उठकर लोग जाते हैं और मुख्यमंत्री को कुछ खिलाते हैं, लेकिन फिर भी वह ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
– भाई वीरेंद्र, राजद विधायक
“चाचा के नाक के नीचे भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है” – मुकेश रोशन
बिहार में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है, अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है और अधिकारी लूट-खसोट में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री बीमार और लाचार हो चुके हैं, उनकी कोई नहीं सुन रहा। सत्ता के संरक्षण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। तारिणी दास के ठिकानों पर करोड़ों की नकदी बरामद हुई है और ईडी के अधिकारी चार-चार मशीनें लेकर पैसे गिनने पहुंचे हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति कहां गई? मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।
– मुकेश रोशन, राजद विधायक
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत शर्मा ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “बिहार में हर जगह भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। जहां भी छापेमारी होगी, वहां करोड़ों की बरामदगी होगी। यह साफ दिखाता है कि भ्रष्टाचार सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है।”
“जो भी भ्रष्टाचार करेगा, वह बचेगा नहीं” – बीजेपी विधायक लखेदर पासवान
जहां विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं भाजपा के विधायक लखेदर पासवान ने इसे सुशासन की सरकार बताते हुए कहा, “नीतीश कुमार की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है। हम किसी को बचाने या फंसाने का काम नहीं करते। जो भी भ्रष्टाचार करेगा, वह बचेगा नहीं। ईडी की कार्रवाई यह दिखाती है कि सरकार किसी को भी नहीं बख्शेगी।”
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई या राजनीतिक साजिश?
भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास पर ईडी की इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी करार दे रहा है, तो सरकार खुद को पाक-साफ बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रही है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में और किन-किन बड़े नामों का खुलासा होता है और क्या यह छापेमारी वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश छिपी है? ईडी की टीम अभी भी जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।