सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के बांका जिले में शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक फिल्मी अंदाज में बड़ी छापेमारी कर करोड़ों की ठगी के मुख्य आरोपी को दबोच लिया। दिल्ली से आई सीबीआई की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से रजौन बाजार स्थित एक होटल में धावा बोला और पिछले 10 वर्षों से फरार चल रहे शातिर ठग अमित कुमार सिंह उर्फ राकेश कुमार को दो अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
तकनीकी सर्विलांस से खुला राज
मुख्य आरोपी अमित कुमार सिंह के खिलाफ साल 2015 में दिल्ली में करोड़ों रुपये के गबन और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज हुआ था। तभी से वह लगातार अपनी पहचान और लोकेशन बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा था। सीबीआई की टीम तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) के जरिए लंबे समय से उसका पीछा कर रही थी। जैसे ही उसकी लोकेशन रजौन के एक होटल में पुख्ता हुई, दिल्ली से विशेष टीम बांका पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर होटल के कमरे को चारों तरफ से घेर लिया।
कभी RBI तो कभी ब्रिटिश पुलिस का अधिकारी बनकर करता था ठगी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अमित कुमार सिंह बेहद शातिर किस्म का जालसाज है। वह लोगों को अपने झांसे में लेने के लिए कभी खुद को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का बड़ा अधिकारी बताता था, तो कभी CBI का अफसर। हद तो तब हो गई जब उसने कुछ जगहों पर खुद को ब्रिटिश पुलिस फोर्स का अधिकारी बताकर लोगों से पैसे ऐंठ लिए। साल 2012 में उसने केरल के एक व्यक्ति से लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी की थी, जो बाद में करोड़ों के सिंडिकेट के रूप में सामने आया।
सफेदपोशों की भूमिका भी जांच के दायरे में
छापेमारी के बाद तीनों आरोपियों को रजौन थाना लाया गया, जहाँ से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अमित कुमार सिंह के इस ठगी नेटवर्क के तार बांका जिले के कुछ स्थानीय नामचीन लोगों और ‘सफेदपोशों’ से भी जुड़े हो सकते हैं। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि 10 साल तक फरारी के दौरान उसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने पनाह दी और आर्थिक मदद पहुंचाई।
सीबीआई की इस कार्रवाई से उन सैकड़ों पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है, जो पिछले एक दशक से इस ठग की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान इस रैकेट से जुड़े कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।