बिहार की सियासत में एक साथ कई मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है। राबड़ी आवास को लेकर पहले से जारी घमासान के बीच जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने सरकारी बंगला खाली होने पर उसकी खुदाई कराने की मांग कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं मोकामा से विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी अपने दोनों बेटों अंकित और अभिषेक के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर राजनीतिक अटकलों को हवा दे रही हैं। उधर, बिहार चुनाव के नतीजों पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस नेता ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान और बढ़ गया है।
राबड़ी आवास को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज हो गई है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि आवंटित सरकारी आवास में कई तहखाने बनाए गए हैं, जहां हथियार, जमीन के कागजात, नकदी और आभूषण छिपाकर रखे जाने की आशंका है। उनका दावा है कि संभवतः इन्हीं तहखानों से सामान निकालने की प्रक्रिया के कारण आवास खाली करने में देरी हो रही है। नीरज कुमार ने शुक्रवार को मांग की कि जैसे ही बंगला पूरी तरह खाली हो, सरकार उसके कुछ हिस्सों की खुदाई कराए। उन्होंने यह भी कहा कि नोटिस मिलने के बावजूद आवास खाली न करना नियमों का उल्लंघन है और यदि भवन को नुकसान पहुंचा तो भवन निर्माण विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इधर, राबड़ी आवास से सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गुरुवार देर रात 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर 4 से 5 छोटी गाड़ियां पहुंचीं, जिनके जरिए सामान गोला रोड स्थित गौशाला में भेजा गया। गौरतलब है कि करीब 20 साल बाद लालू परिवार को यह सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया था कि विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 39 आवंटित किया गया है।
दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने नियमों का उल्लंघन करते हुए सत्ता पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया। उनका कहना है कि तेलंगाना चुनाव में कांग्रेस द्वारा मोबाइल वितरण की अनुमति नहीं दी गई, जबकि बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं को 10 हजार रुपये बांटे जाने के आरोपों पर आयोग ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। नेताओं का दावा है कि यह दोहरा मापदंड लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। इसी आधार पर उन्होंने पटना हाईकोर्ट से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर हस्तक्षेप की मांग की है।