पटना एयरपोर्ट पर सुरक्षा जाँच के दौरान महिला की मौत: मेडिकल व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल; समय पर नहीं मिला सही इलाज?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (JPNI) से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रविवार शाम सुरक्षा घेरे से गुजरते समय एक महिला यात्री अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और एयरपोर्ट प्रशासन की मेडिकल तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

क्या है पूरा मामला?
हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, महिला यात्री स्पाइसजेट की फ्लाइट से यात्रा करने वाली थीं।1 शाम करीब 4:40 बजे, जब वह प्रस्थान गेट पर सुरक्षा जाँच की प्रक्रियाओं से गुजर रही थीं, तभी वह अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं।2 वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और यात्रियों ने तुरंत मदद की कोशिश की। हवाई अड्डे पर मौजूद एक डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने महिला को प्राथमिक उपचार और CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया।  

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10 मिनट की देरी और संसाधनों का अभाव
एयरपोर्ट फायर सर्विसेज को सूचित किए जाने के बाद करीब 4:50 बजे एक एंबुलेंस सुरक्षा क्षेत्र तक पहुँची। महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने शाम 5:13 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा, लेकिन शुरुआती कयास ‘कार्डियक अरेस्ट’ (दिल का दौरा) के लगाए जा रहे हैं।

विवादों के घेरे में एयरपोर्ट की मेडिकल सुविधा
इस घटना ने पटना एयरपोर्ट की चिकित्सा तैयारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की पिछली टीम का अनुबंध समाप्त हो चुका था। हालांकि नया अनुबंध मेदांता अस्पताल के साथ किया गया है, लेकिन मेदांता के डॉक्टरों ने अभी तक अपनी सेवाएं पूर्ण रूप से शुरू नहीं की थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यदि हवाई अड्डे पर अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टर तुरंत उपलब्ध होते, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

फिलहाल, पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की विस्तृत जाँच की जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।

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