अब तो बिहार में ऑनलाइन हो गई है घूसखोरी, पे-फोन खाता में हो रहा है पेमेंट.

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव :बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जैसे जैसे कारवाई हो रही है, उतना ही भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा सामने आ रहा है.अब तो सरकारी अधिकारी ऑनलाइन रिश्वत लेने लगे हैं. जाहिर भ्रष्टाचार बिहार में सुविधा शुल्क का रूप ले चूका है. एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला मोतिहारी के सदर प्रखंड के उत्तरी ढ़ेकहां पंचायत में सामने आया है.प्रधानमंत्री आवास योजना(पीएमएवाई) के तहत  पंचायत के आवास सहायक ने लाभार्थियों से आवास की राशि जारी करने के एवज में ऑनलाइन रिश्वत ले ली है.

ग्रामीणों के अनुसार, आवास सहायक ने कई लाभार्थियों से पे-फोन खाता में और नकद रूप में करीब एक लाख रूपये की वसूली  की है. योजना के लाभुकों से सहायक ने अपने खाते में 5 हजार, 3980, छह हजार और पत्नी के खाते में 23 हजार 800 रूपये तक की राशि ली है. ऑनलाइन रिश्वत लेने के कई मामले सोशल मीडिया में वायरल हो चुके हैं .

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चिरैया प्रखंड, बारा जयराम पंचायत में  आवास सहायक भरत भूषण का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह लाभार्थी से 20,000 की रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद डीडीसी एस.एस. पांडे ने उन्हे सेवा से बर्खास्त कर दिया.- पताही प्रखंड, परसौनी कपूर पंचायत- यहां के पीआरएस बसंत झा का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह बचौलियों के साथ अवैध वसूली का हिसाब करते दिख रहे हैं. जांच के बाद जिलाधिकारी ने उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया. बलुआ जुल्फेकाराबाद पंचायत  की आवास सहायक रीता कुमारी ने अपने पति से सर्वेक्षण कराया. जांच में दोषी पाए जाने पर उनके एक साल के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया गया है. साथ ही, उनके शिक्षक पति का वेतन भी रोका गया है.

जिस तरह प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में लगातार आवास सहायकों के द्वारा धांधली और भ्रष्टाचार किया जा रहा है वह चौकानेवाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमाम गरीबों से यह वादा किया है कि उनके घर भी अब पक्के के होंगे. लेकिन, इस आड़ में घोटालों का खेल चल रहा है.

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