बिहार की राजनीति में ‘भारत रत्न’ को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। पटना की सड़कों पर आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की पुरजोर मांग की है।
आरजेडी कार्यालय के बाहर ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’;
पटना स्थित आरजेडी (RJD) दफ्तर के बाहर लगे इन पोस्टरों ने राहगीरों और राजनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लालू यादव को ‘गरीबों का मसीहा’ और ‘अनमोल रत्न’ बताया गया है। वहीं,पोस्टर में लालू यादव की तस्वीर के साथ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर भी लगाई गई है, जो सामाजिक न्याय के संदेश को दर्शाती है। हालांकि,यह पोस्टर आरजेडी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश सचिव राजेंद्र रजक द्वारा लगाए गए हैं।

दरअसल,आरजेडी नेताओं का मानना है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने दशकों लंबे राजनीतिक सफर में हाशिए पर खड़े लोगों को आवाज दी है। पार्टी का तर्क है कि लालू यादव ने पिछड़ों और दलितों को सत्ता में भागीदारी दिलाकर सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा दी। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कर्पूरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के बाद, आरजेडी समर्थकों का कहना है कि उसी विचारधारा के वाहक लालू यादव भी इस सम्मान के असली हकदार हैं।
गौरतलब है कि यह मांग ऐसे समय में आई है जब हाल ही में जदयू (JDU) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाकर सियासी हलचल तेज कर दी थी। हालांकि जदयू ने बाद में इसे त्यागी की व्यक्तिगत राय बताया था, लेकिन अब आरजेडी की इस पोस्टरबाजी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। हालांकि लालू यादव को भारत रत्न देने की मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पार्टी कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाकर यह मांग पहली बार सार्वजनिक रूप से की गई है।