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बिहार के मोतिहारी जिले के केसरिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में आज विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया गया। इस ऐतिहासिक घटना में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रमुख रूप से भाग लिया। शिवलिंग की स्थापना के लिए विशेष रूप से दो बड़ी क्रेन, जिनकी क्षमता 700 टन और 500 टन थी, मंगवाई गईं। इन क्रेनों की मदद से भारी-भरकम शिवलिंग को मंदिर में स्थापित किया गया।

शिवलिंग की स्थापना के इस धार्मिक कार्यक्रम में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़े, और पूजा-पाठ के साथ भव्य तरीके से शिवलिंग का अभिषेक किया गया। यह शिवलिंग विश्व का सबसे ऊंचा और विशाल शिवलिंग है, जो 33 फीट लंबा और 210 टन वजन का है। यह शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट से बना है और इसमें 1008 छोटे-छोटे शिवलिंगों की उपस्थिति के कारण इसे सहस्त्र लिंगम कहा जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मंदिर को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और इस मंदिर के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर के निर्माण से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मोतिहारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बनाएगा।

विराट रामायण मंदिर की स्थापना को लेकर श्यान कुणाल, जिन्होंने इस मंदिर का निर्माण शुरू किया था, ने बताया कि यह उनके पिता का सपना था जो अब सच होता दिख रहा है। उनका कहना था कि मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है और 2030 तक यह भव्य मंदिर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार हुआ था, जिसे 45 दिन की यात्रा के बाद केसरिया में स्थापित किया गया। इस शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी और पाँच नदियों के जल से इसका अभिषेक किया जाएगा।