राजधानी पटना की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए पटना नगर निगम ने एक महायोजना तैयार की है। शहर में कदमकुआं वेंडिंग जोन की तर्ज पर अब 31 नए आधुनिक वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के नेतृत्व में तैयार इस प्रस्ताव पर जल्द ही निगम बोर्ड की अंतिम मुहर लगेगी। स्वीकृति मिलने के बाद अगले 4 महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2027 तक पूरी तरह धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा है।
जाम मुक्त पटना के लिए बड़ा मास्टरप्लान;
अक्सर खेतान मार्केट, मुसल्लाहपुर हाट और मैकडॉवेल गोलंबर जैसे इलाकों में सड़क किनारे लगने वाले ठेलों की वजह से यातायात बाधित रहता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए निगम ने इन इलाकों समेत कुल 31 जगहों को चिह्नित किया है। इसका उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित खरीदारी का स्थान देना और सड़कों को चौड़ा रखना है।
यहां बनेंगे वेंडिंग जोन;

RCC स्ट्रक्चर और मल्टीस्टोरी डिजाइन;
डिजाइन: ये वेंडिंग जोन ग्राउंड+1 (दो मंजिला) होंगे, जबकि कुछ भीड़भाड़ वाले इलाकों में तीन मंजिला इमारतें भी बनाई जाएंगी।
लागत: इस पूरी परियोजना पर करीब ₹200 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
पाटलिपुत्र अंचल में सबसे ज्यादा फोकस;
नगर निगम के सभी 6 अंचलों में यह कार्य होगा, लेकिन सबसे अधिक 10 वेंडिंग जोन पाटलिपुत्र अंचल में बनाए जाने का प्रस्ताव है। 11 वेंडिंग जोन निगम की अपनी जमीन पर बनेंगे। शेष 20 जगहों के लिए पथ निर्माण या अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे बाजार;
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि इन वेंडिंग जोन में केवल दुकानें ही नहीं, बल्कि बिजली, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय और नियमित साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी पुख्ता इंतजाम होगा।