नीट छात्रा केस: मोबाइल से रिकवर हुआ डिलीटेड डेटा, 3 संदिग्ध रडार पर; DNA रिपोर्ट खोल सकती है दरिंदगी का राज…

Ritu Raj

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप-हत्या के संदिग्ध मामले में जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विशेष जांच टीम (SIT) को मृतिका के मोबाइल फोन से अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जिसमें डेटा में छेड़छाड़ के संकेत दिखे हैं। हालांकि, फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मृतिका के फोन से डेटा रिकवर कर लिया है और अब इसकी गहन जांच चल रही है।

SIT की मुख्य नजर फिलहाल तीन संदिग्धों पर टिकी हुई है कि इनमें एक जहानाबाद का और दो पटना के निवासी हैं। टीम इन संदिग्धों के DNA सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक (यानी 30 जनवरी 2026 तक) DNA रिपोर्ट आने की संभावना है। यदि कोई मैच होता है, तो तत्काल गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई हो सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले इस मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। पूरी SIT टीम इस समय मोबाइल डेटा एनालिसिस में जुटी हुई है, जिसमें Snapchat जैसे ऐप्स से भी महत्वपूर्ण क्लू मिले हैं। अब तक जांच में कुल 25 लोगों के DNA सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने वाले, परिजन और अन्य करीबी शामिल हैं। हॉस्टल संचालक के बेटे का भी सैंपल लिया गया है, जो दिखाता है कि जांच में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों (खासकर अंडरगारमेंट) पर स्पर्म के निशान मिले हैं, जिससे यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। यह स्पर्म अब DNA मिलान का मुख्य आधार बन गया है। सभी संदिग्धों के सैंपल इसी से मैच किए जाएंगे। यदि एक भी मैच मिलता है, तो केस की दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। DNA सैंपल जज की मौजूदगी में मेडिकल गाइडलाइंस के तहत लिए गए और FSL को सील करके भेजे गए हैं। SIT का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा रेफरेंस सैंपल लेकर जांच को कोर्ट में मजबूत और विवाद-रहित बनाना है, हालांकि परिवार ने कुछ सैंपलों पर आपत्ति जताई है।

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इसके अलावा, SIT अब छात्रा की 27 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री की जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि वह पटना और जहानाबाद में कहां-कहां गई, कितनी देर रुकी और किसके संपर्क में रही। ट्रैवल टाइमलाइन: 27 दिसंबर को परिजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई और 5 जनवरी दोपहर तक वहीं रही। 5 जनवरी को ट्रेन से पटना लौटी और सीधे शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। जांच में स्कॉर्पियो ड्राइवर, ऑटो चालक, ट्रेन टाइमिंग, मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री और CCTV फुटेज की पुष्टि की गई है। वहीं, टीम यह तलाश रही है कि क्या ट्रैवल के दौरान कोई अनजान व्यक्ति उसके संपर्क में आया, क्योंकि कई बार अपराध की जड़ घटनास्थल से पहले की होती है। हालांकि, यह मामला शुरू से ही विवादास्पद रहा है, जहां पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट्स ने रेप-हत्या की ओर इशारा किया है। SIT अब तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों पर फोकस कर रही है ताकि दोषी जल्द पकड़े जाएं। आगे की रिपोर्ट्स का इंतजार है।

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