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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे सामने आ चुके हैं, और इन नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रभुत्व को मजबूती से स्थापित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और उनके सहयोगी दलों ने मिलकर राज्यभर में शानदार जीत दर्ज की है, जिससे विधानसभा में उनकी मजबूत वापसी सुनिश्चित हुई है। खासकर, उत्तर बिहार से लेकर सीमांचल, सारण, पटना, मगध और अंग क्षेत्र तक NDA ने अपने जनाधार को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री व गठबंधन के नेतृत्वकारी चेहरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता ने जो गहरा भरोसा जताया है, उसकी स्पष्ट झलक इन नतीजों में दिखाई देती है। जनता ने अगले पाँच वर्षों के लिए NDA को एक मजबूत और स्थिर सरकार देने का फैसला किया है।
क्षेत्रवार NDA का दमदार प्रदर्शन
चंपारण और मिथिला क्षेत्र में लहर: पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में NDA प्रत्याशियों ने लहर जैसी सफलता प्राप्त की। रामनगर से नंद किशोर राम, नरकटियागंज से संजय कुमार पांडेय, और बगहा से राम सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की। मिथिलांचल में भी भगवा खेमे को उल्लेखनीय सफलता मिली है। खजौली से अरुण शंकर प्रसाद, राजनगर से सुजीत कुमार, और झंझारपुर से नितीश मिश्रा विजयी रहे। बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा और अलीनगर से मैथिली ठाकुर की जीत ने मिथिला की राजनीतिक दिशा तय की।
सीमांचल में सेंधमारी: सीमांचल, जिसे विपक्षी दलों का गढ़ माना जाता था, वहाँ भी NDA ने अपनी स्थिति मजबूत की है। कटिहार से तारकिशोर प्रसाद और पूर्णिया से विजय कुमार खेमका की जीत राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो गठबंधन की क्षेत्र में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
सारण और वैशाली में पकड़ मजबूत: सारण और वैशाली जिलों में भी NDA का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा। दरौंडा से करणजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह, गोरियाकोठी से देवेश कांत सिंह, और छपरा से छोटी कुमारी की जीत ने इस क्षेत्र में गठबंधन की पकड़ को और मजबूत किया है।
पटना और मगध में BJP का परचम
राजधानी पटना जिले में हमेशा की तरह भाजपा ने शानदार परचम लहराया है, जो शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत जनाधार का संकेत है। दानापुर से राम कृष्णपाल यादव, कुम्हरार से संजय कुमार, दीघा से संजीव चौरसिया, और बांकीपुर से नितिन नबीन ने एक बार फिर जनता का समर्थन हासिल किया। पटना साहिब से रत्नेश कुमार और बिक्रम से सिद्धार्थ सौरव की जीत ने भाजपा की स्थिति को और सुदृढ़ किया।
मगध क्षेत्र से प्रेम कुमार (गया टाउन), वजीरगंज से बिरेन्द्र सिंह, और हिसुआ से अनिल सिंह का जीतना भी इस क्षेत्र में NDA की मजबूती का बड़ा संकेत है। अंग क्षेत्र में जमुई से श्रेयसी सिंह का विजयी होना एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह सीट लंबे समय से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भोजपुर और बक्सर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से भी बड़ी जीतें NDA की झोली में गईं, जिसमें आरा से संजय सिंह (टाइगर) और बक्सर से आनंद मिश्रा शामिल हैं। कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के इन नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को बदलते हुए यह साफ कर दिया है कि जनता ने विकास, सुशासन और गठबंधन की एकजुटता पर अपना विश्वास व्यक्त किया है।