सिटी पोस्ट लाइव
पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस केस में एक कथित ‘मिस्ट्री वुमन’ नीतू कुमारी के साथ अपनी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर सनसनी फैला दी है। इस खुलासे के बाद पुलिसिया जांच और नीतू कुमारी की संदिग्ध रिहाई पर कई तीखे सवाल उठने लगे हैं।
सच बोलिए, आपकी भी बहन-बेटी है
सांसद पप्पू यादव द्वारा जारी वीडियो में वह हॉस्टल की कर्मचारी नीतू कुमारी से फोन पर बेहद सख्त लहजे में पूछताछ करते सुनाई दे रहे हैं। पप्पू यादव ने सीधे तौर पर सवाल किया कि 5 तारीख की रात 9 बजे के बाद वह हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर क्या कर रही थीं? सांसद ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “सच-सच बोलिएगा, आपकी भी बहन-बेटी है। इस मामले को इतने सस्ते में दबने नहीं दिया जाएगा।”
याददाश्त पर सवाल और ‘मिस्ट्री वुमन’ का बचाव
बातचीत के दौरान नीतू कुमारी ने स्वीकार किया कि वह कभी-कभी लड़कियों के झगड़े सुलझाने हॉस्टल जाती थीं, लेकिन उस खास रात (5 तारीख) की मौजूदगी पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने बार-बार उस छात्रा का नाम जानना चाहा जिसने पप्पू यादव को उनकी मौजूदगी की जानकारी दी थी। सबसे बड़ा संदेह इस बात पर है कि नीतू उस समय हॉस्टल की दूसरी ब्रांच में तैनात थीं, तो फिर वह रात 10 बजे घटना वाले हॉस्टल में लड़कियों की चेकिंग करने क्यों पहुंची थीं?
पुलिस की भूमिका और सीबीआई जांच की मांग
पप्पू यादव ने नीतू कुमारी की गिरफ्तारी और फिर अचानक हुई रिहाई पर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस आधार पर एक मुख्य संदेही को छोड़ दिया गया? क्या किसी रसूखदार को बचाने की कोशिश हो रही है?
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट सत्र से ठीक पहले इस पूरे मामले की CBI जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन पप्पू यादव के इस वीडियो ने स्थानीय पुलिस की अब तक की जांच पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पटना की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट रहा है और इस ऑडियो के वायरल होने के बाद इंसाफ की मांग और तेज हो गई है।