यह पटना (बिहार) के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की रेप और मौत के मामले में ताजा अपडेट है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण किया था, लेकिन वहां से जांच पूरी करने के बाद चली गई। हॉस्टल को सील करने के आदेश जारी हो चुके हैं, मगर अभी तक इसे सील नहीं किया गया है।
मामले की जांच कर रही SIT (विशेष जांच टीम) की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है। राज्य सरकार ने इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। SIT के सदस्य तेजी से जांच डायरी पूरी करने में जुटे हुए हैं।
हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की फिर से समीक्षा की है। जांच में अब तक छूट गए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जल्द काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, SIT को अब निम्नलिखित काम सौंपे गए हैं:
– छात्रा के बैंक खाते की डिटेल्स जांचना, ताकि पता चले कि हर महीने उसके अकाउंट में कितने पैसे आते थे और किसने/किन्होंने भेजे थे।
– छात्रा का बर्थ सर्टिफिकेट और उम्र से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच। परिवार ने उसे नाबालिग बताते हुए POCSO एक्ट की धारा लगवाने का दावा किया है, लेकिन उपलब्ध सर्टिफिकेट में तारीखें अलग-अलग आ रही हैं। इसलिए उसके स्कूल से मूल प्रमाण-पत्र मंगवाने के निर्देश दिए गए हैं।
– लगभग 10 संदिग्धों के DNA सैंपल अभी तक नहीं लिए जा सके थे (किसी कारण से), अब इन्हें मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरा कराने की तैयारी है।
हालांकि देखा जाए तो SIT की जांच अभी बंद नहीं हुई है, बल्कि विभिन्न स्तरों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले में पारदर्शिता और गहन जांच के लिए प्रयास जारी हैं, और CBI की एंट्री होने की संभावना मजबूत हो गई है।