बिहार की राजनीति में इन दिनों एक पारिवारिक और कानूनी विवाद ने भूचाल ला दिया है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला किसी राजनीतिक बयान का नहीं, बल्कि एक नवजात बच्ची और एक वायरल मेडिकल पर्चे से जुड़ा है।
विवाद की जड़:
सोशल मीडिया पर पटना के एक निजी अस्पताल (वर्लिका मदरहुड हॉस्पिटल) का एक मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन तेजी से वायरल हो रहा है। 7 अक्टूबर 2025 की तारीख वाले इस पर्चे में अनुष्का यादव नाम की महिला के पति के रूप में ‘तेज प्रताप यादव’ का नाम दर्ज है। इसी दस्तावेज ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जन्म दिया है।

अनुष्का यादव और ‘मेरी उज्जैनी’;
बीते 8 फरवरी को अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया। इस खबर की पुष्टि तब हुई जब अनुष्का के भाई आकाश यादव ने इंस्टाग्राम पर बच्ची के साथ एक भावुक तस्वीर साझा की। उन्होंने बच्ची का नाम ‘उज्जैनी’ बताया है। इस पोस्ट के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म हो गया।
तेज प्रताप का पलटवार:
विवाद बढ़ता देख तेज प्रताप यादव ने 8 फरवरी को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने अनुष्का यादव और उनकी बच्ची से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि बच्ची का पिता ‘आकाश भाटी’ नाम का व्यक्ति है और उन्हें फंसाने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए गए हैं इसके अलावा उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें उनके अपने ही घर से बाहर निकाल दिया गया है।
तेज प्रताप के निशाने पर ‘5 जयचंद’;
तेज प्रताप यादव ने इस पूरे प्रकरण को एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए अपनी ही पार्टी और करीबियों के 5 लोगों को “जयचंद” (गद्दार) की संज्ञा दी है। इसमें मुकेश रौशन (पूर्व विधायक), संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह शामिल है।