पटना मेट्रो : अब 3 नहीं 6 कोच वाली ट्रेनें भरेंगी रफ्तार, भविष्य की भीड़ के लिए PMRC ने तैयार किया मेगा प्लान

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी में बन रही मेट्रो रेल परियोजना अब अपने नए और विस्तारित अवतार में नजर आने वाली है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) ने शहर की भविष्य की आबादी और यातायात के दबाव को भांपते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पटना की पटरियों पर महज 3 कोच वाली ट्रेनें नहीं, बल्कि 6 कोच वाले हाई-कैपेसिटी रैक दौड़ेंगे। इस फैसले से न केवल मेट्रो की यात्री वहन क्षमता दोगुनी हो जाएगी, बल्कि पटना का मेट्रो सिस्टम दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के समकक्ष खड़ा हो जाएगा।

8 से 10 नए 6-कोच रैक के लिए जल्द जारी होगा टेंडर
मेट्रो प्रशासन के अनुसार, कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों के लिए लगभग 8 से 10 नए 6-कोच वाले रैक खरीदने की योजना है। इसके लिए जल्द ही वैश्विक निविदा (Global Tender) जारी की जा सकती है। वर्तमान में जो परिचालन की योजना थी, उसमें कोचों की संख्या कम थी, लेकिन अब दीर्घकालिक लाभ को देखते हुए सीधे 6 कोच वाली ट्रेनों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हालांकि, इन नए रैक के निर्माण और डिलीवरी में करीब दो साल का समय लग सकता है, तब तक अंतरिम व्यवस्था के तहत किराए के रैक का उपयोग किया जाएगा।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

टनल तैयार, अब पटरी बिछाने की बारी
पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 (राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन) का काम अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। शहर के व्यस्ततम इलाकों जैसे मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच और गांधी मैदान के नीचे अंडरग्राउंड टनल (सुरंग) का ढांचा लगभग तैयार है। अब प्रशासन लगभग 12.5 किलोमीटर के एलिवेटेड और भूमिगत हिस्से में पटरी (Track) बिछाने की तैयारी में है। इसके लिए भी जल्द ही टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। पटरियों का काम शुरू होते ही मेट्रो प्रोजेक्ट का भौतिक स्वरूप और भी स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखने लगेगा।

6 चरणों में पूरा होगा सुखद सफर का सपना
पटना मेट्रो के परिचालन को छह चरणों में बांटकर शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिसके चौथे चरण में मलाही पकड़ी से राजेंद्र नगर होते हुए पटना विश्वविद्यालय तक भूमिगत सेवाएं शुरू की जाएंगी, जबकि पांचवें और छठे चरण में गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन होते हुए मीठापुर तक विस्तार किया जाएगा; इस पूरे रूट के सक्रिय होने से अशोक राजपथ के शैक्षणिक हब और प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के बीच का सफर घंटों के बजाय मात्र चंद मिनटों का रह जाएगा।

स्मार्ट रणनीति: किराए के रैक से होगा ट्रायल
चूंकि नए 6-कोच वाले रैक आने में वक्त लगेगा, इसलिए स्मार्ट रणनीति के तहत वर्तमान में 3 कोच वाले किराए के रैक का उपयोग ट्रायल के लिए किया जा रहा है। मार्च तक एक और रैक किराए पर आने की उम्मीद है, जिससे मीठापुर एलिवेटेड रूट पर शुरुआती परिचालन की राह साफ होगी। जैसे ही पटना मेट्रो के अपने 6-कोच वाले अत्याधुनिक रैक आएंगे, शहर के सार्वजनिक परिवहन की पूरी तस्वीर बदल जाएगी।

Share This Article