बिहार के 6 शहरों में दिखेगी ‘ग्रीन रफ़्तार’: 62 करोड़ से बनेंगे हाई-टेक ई-बस डिपो, बदल जाएगी सफर की तस्वीर

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश करने जा रही है। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के छह प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो (Electric Bus Depot) बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 62.83 करोड़ रुपये की लागत से इन सरकारी डिपो का निर्माण किया जाएगा।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे ‘स्मार्ट’ डिपो
ये नए बस डिपो केवल बसों को खड़ा करने की जगह नहीं होंगे, बल्कि इन्हें एक ‘मल्टी-फंक्शनल हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। भवन निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए जाने वाले इन डिपो में निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी:

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

हाई-टेक चार्जिंग स्टेशन: एक साथ कई इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए विशाल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्बाध बिजली के लिए हैवी पावर बैकअप।

आधुनिक वर्कशॉप: बसों के नियमित रखरखाव के लिए तकनीकी रूप से उन्नत वर्कशॉप और ऑटोमैटिक वॉशिंग रैंप।

संजीदा सुविधाएं: यात्रियों और कर्मचारियों के लिए साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय और माताओं के लिए विशेष ‘फीडिंग रूम’ की व्यवस्था।

सुरक्षा: पूरे परिसर की निगरानी के लिए दो मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार और सीसीटीवी का जाल बिछाया जाएगा।

चालक कल्याण और बेहतर मेंटेनेंस पर जोर
अक्सर सरकारी बसों के जल्द खराब होने की शिकायतें आती हैं, लेकिन इन हाई-टेक डिपो के आने से रखरखाव की समस्या दूर हो जाएगी। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यहाँ बसों के सुरक्षित संचालन और मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लंबी शिफ्ट में काम करने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए आरामदेह विश्राम गृह बनाए जाएंगे, जिससे उनकी कार्यकुशलता में सुधार होगा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य बिहार को ‘कार्बन न्यूट्रल’ परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाना है। इलेक्ट्रिक बसों के व्यापक संचालन से न केवल डीजल की खपत कम होगी, बल्कि शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट आएगी। गया और मुजफ्फरपुर जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों में ई-बसों के आने से आम जनता को कम किराए में आरामदायक और शोर-मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा।

परिवहन विभाग का यह मास्टरप्लान न केवल बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

Share This Article