यदि आप PPF, SSY या NPS जैसी सरकारी योजनाओं में निवेश करते हैं, तो वित्त वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले न्यूनतम राशि जमा करना सुनिश्चित करें। ऐसा न करने पर आपका खाता न केवल ‘फ्रीज’ हो सकता है, बल्कि आपको जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF);
खाते को चालू रखने के लिए हर साल निवेश करना अनिवार्य है।
न्यूनतम निवेश: ₹500 प्रति वर्ष।
नुकसान: खाता निष्क्रिय होने पर आप न तो लोन ले पाएंगे और न ही मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकेंगे।
पेनल्टी: ₹50 प्रति वर्ष जुर्माना + ₹500 की बकाया राशि।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY);
बेटियों के भविष्य के लिए निवेश की निरंतरता बनाए रखें।
न्यूनतम निवेश: ₹250 प्रति वर्ष।
नुकसान: खाता ‘डिफॉल्ट’ श्रेणी में चला जाता है, जिससे ब्याज दरों और लाभों पर असर पड़ सकता है।
पेनल्टी: ₹50 प्रति वर्ष जुर्माना + ₹250 की न्यूनतम जमा राशि।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS);
रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित भविष्य हेतु टियर-1 खाते को सक्रिय रखें।
न्यूनतम निवेश: ₹1,000 प्रति वर्ष।
नुकसान: टियर-1 फ्रीज होने पर आपका टियर-2 (इन्वेस्टमेंट खाता) भी अपने आप फ्रीज हो जाएगा।
पेनल्टी: ₹100 प्रति वर्ष जुर्माना + बकाया योगदान।
टैक्स बचत के दोहरे फायदे;
इन योजनाओं में समय पर निवेश करना न केवल जुर्माने से बचाता है, बल्कि आपके टैक्स के बोझ को भी कम करता है:-
धारा 80C: PPF और SSY में निवेश कर आप ₹1.5 लाख तक की छूट पा सकते हैं।
अतिरिक्त छूट: NPS में निवेश करने पर धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की एक्स्ट्रा टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।
प्रो टिप: आखिरी तारीख (31 मार्च) का इंतजार न करें, क्योंकि बैंक सर्वर या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में देरी होने पर आपका निवेश अटक सकता है। आज ही अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करें।