वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध की स्थिति के बीच देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस की राशनिंग (Rationing) को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, इस प्रकार की खबरों के बीच उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक Indane, HP या Bharat Gas के ऐप या वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
कमर्शियल सिलेंडर पर ब्रेक, शादियों में संकट;
ताजा घटनाक्रम के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति पर कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है। शादियों का सीजन होने के कारण कैटरर्स को सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ रही है। वहीं, मानवीय आधार पर केवल अस्पतालों और हॉस्टल्स को ही विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ’12 सिलेंडर’ का सख्त पहरा;
घरेलू गैस (14.2 किग्रा) के इस्तेमाल को लेकर भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। दरअसल, एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर का नियम अब पूरी तरह डिजिटल रूप से लॉक कर दिया गया है। कोटा पूरा होने पर बुकिंग स्वतः रुक जाएगी। अब बिना ओटीपी (One Time Password) के डिलीवरी संभव नहीं होगी। यह कदम कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया गया है। दो सिलेंडरों के बीच 15 से 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल (Waiting Period) लागू किया जा सकता है।
प्रशासन और मंत्रालय का पक्ष;
हालांकि, स्थानीय स्तर पर कई अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं, लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दे चुका है। सरकार का मुख्य फोकस घरेलू आपूर्ति को बनाए रखना और जमाखोरी (Hoarding) पर लगाम लगाना है। राहत की बात यह है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।