बिहार की सियासत में इन दिनों पोस्टर वार और बयानों का दौर चरम पर है। पटना की सड़कों पर आरजेडी द्वारा लगाया गया नया पोस्टर इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

पटना में आरजेडी कार्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस पोस्टर में किसी सीधे आरोप के बजाय प्रतीकों का सहारा लिया गया है, जो काफी आक्रामक संदेश दे रहे हैं। पोस्टर पर मोटे अक्षरों में लिखा है- ‘कोई ऐसा सगा नहीं, जिसको भाजपा ने ठगा नहीं’। यह नारा सीधे तौर पर भाजपा की गठबंधन राजनीति और विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। पोस्टर में एक विशाल अजगर दिखाया गया है, जिसे भाजपा का प्रतीक बताया गया है। अजगर के सामने मुख्यमंत्री की कुर्सी है और एक तीर का निशान राज्यसभा की ओर इशारा कर रहा है। आरजेडी इसके जरिए यह जताना चाहती है कि भाजपा अपने सहयोगियों को धीरे-धीरे निगल जाती है और उनके अस्तित्व को खत्म कर देती है।

नीतीश कुमार का राज्यसभा गमन और विपक्ष के सवाल;
यह पोस्टर ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। आरजेडी इसे एक सुनियोजित राजनीतिक ‘शिफ्ट’ के रूप में देख रही है। आरजेडी प्रवक्ता डॉ. एजाज अहमद ने तर्क देते हुए कहा कि “भाजपा की नीति केवल ‘सत्ता हड़पो और मलाई खाओ’ तक सीमित है। वे अपने सहयोगियों का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए करते हैं और काम निकल जाने पर उन्हें किनारे लगा देते हैं। यह पोस्टर जनता को इसी सच्चाई से रूबरू कराने का एक जरिया है।”
आखिर क्यों मचा है बवाल?
| पक्ष | आरजेडी का आरोप | राजनीतिक निहितार्थ |
| गठबंधन | भाजपा सहयोगियों के साथ विश्वासघात करती है। | छोटे दलों को सचेत करने की कोशिश। |
| रणनीति | राज्यसभा भेजना नीतीश कुमार को मुख्यधारा से हटाने की साजिश है। | बिहार की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव की आहट। |
| जनता का हित | भाजपा केवल सत्ता के लालच में जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। | आगामी चुनावों के लिए नैरेटिव सेट करना। |