नीतीश का ‘मिशन दिल्ली’ तय: राज्यसभा के जरिए केंद्र की सत्ता में एंट्री, क्या संभालेंगे NDA संयोजक की कुर्सी?…

Ritu Raj

बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे हैं, अब देश की राजधानी दिल्ली का रुख कर रहे हैं। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हो रहे मतदान में संख्याबल के आधार पर उनकी जीत सुनिश्चित है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2026 की दिल्ली में नीतीश की भूमिका क्या होगी?

क्या मोदी कैबिनेट में ‘सुपर’ मंत्री बनेंगे नीतीश?
जदयू के 12 सांसदों का समर्थन केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है। ऐसे में पार्टी समर्थकों को उम्मीद है कि नीतीश केवल एक सांसद बनकर नहीं रहेंगे। नीतीश के पास वीपी सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकारों में कृषि और रेल जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभालने का लंबा अनुभव है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की कुर्सी छोड़ने के पीछे भाजपा और जदयू के बीच किसी ‘बड़ी डील’ की संभावना है, जिसमें नीतीश को केंद्र में कोई प्रभावशाली पोर्टफोलियो (जैसे रेल या कृषि) मिल सकता है।

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गठबंधन के ‘चाणक्य’ की भूमिका;
2024 के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा को सहयोगियों (TDP और JDU) की बैसाखी की जरूरत पड़ी है। वर्तमान में NDA में औपचारिक रूप से कोई संयोजक नहीं है। अतीत में जॉर्ज फर्नांडिस और शरद यादव जैसे जदयू नेता इस पद को संभाल चुके हैं। TDP और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल बिठाने के लिए नीतीश कुमार सबसे उपयुक्त चेहरा हो सकते हैं। वे गठबंधन की बैठकों और साझा चुनावी रणनीतियों का नेतृत्व कर सकते हैं।

सक्रिय राजनीति से दूरी?
एक तीसरा पक्ष यह भी है कि क्या यह नीतीश कुमार की ससम्मान ‘रिटायरमेंट’ की शुरुआत है? पिछले कुछ समय में नीतीश के बयानों और व्यवहार को लेकर विपक्षी खेमा उनकी सक्रियता पर सवाल उठाता रहा है। कुछ जानकारों का मानना है कि भाजपा उन्हें कोई बड़ा प्रशासनिक पद देने के बजाय राज्यसभा तक सीमित रख सकती है। जॉर्ज फर्नांडिस का उदाहरण देकर कुछ आलोचक याद दिलाते हैं कि कैसे नीतीश ने कभी जॉर्ज साहब को राज्यसभा भेजा था, जहाँ वे धीरे-धीरे मुख्यधारा की राजनीति से दूर हो गए थे।

लुटियंस दिल्ली में नया ठिकाना;
नीतीश कुमार का नया पता अब पटना के ‘1 अणे मार्ग’ की जगह दिल्ली का ‘टाइप 8’ बंगला होगा। लुटियंस दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में स्थित ये बंगले आमतौर पर कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठतम नेताओं को मिलते हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज इसी श्रेणी के घरों में रहते हैं।

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