बिहार राज्यसभा चुनाव में ‘खेल’: महागठबंधन के 4 विधायक नदारद, कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर जताया आक्रोश!..

Ritu Raj

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। चुनाव के दौरान महागठबंधन के चार विधायकों के वोट देने न पहुंचने (जिनमें तीन कांग्रेस के विधायक शामिल थे) को पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। इसी के विरोध में आज बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, सदाकत आश्रम के मुख्य द्वार पर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

पुतला दहन और नारेबाजी;
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी रही। हवा में गूंजते कुछ प्रमुख नारे थे। जिसमें “विधायक चोरी बंद करो, लोकतंत्र की रक्षा करो!”, “वोट चोर-गद्दी छोड़!” और “राहुल गांधी जिंदाबाद, राजेश राम जिंदाबाद! शामिल है। कार्यकर्ताओं ने एनडीए सरकार का पुतला फूंकते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों को डरा-धमकाकर या प्रलोभन देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित किया जा रहा है।

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प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का तीखा प्रहार;
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपनी नाराजगी और हैरानी दोनों व्यक्त की। उन्होंने घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा- “यह बेहद गंभीर विषय है कि जो विधायक कल तक हमारे साथ बैठक की प्रक्रिया का हिस्सा थे, वे अचानक वोटिंग के समय कहां गायब हो गए। फिलहाल ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी भारी दबाव में हैं और स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी इस मामले की तह तक जाएगी। “जब उन विधायकों से सीधी बात होगी, तभी स्थिति स्पष्ट होगी कि आखिर ऐन वक्त पर ऐसा क्या हुआ। वे खुद को आजाद महसूस कर रहे हैं या किसी के गुलाम बन गए हैं, यह जवाब उन्हें ही देना होगा।”

क्या है पूरा विवाद?

विवरणतथ्य
अनुपस्थित विधायकमहागठबंधन के कुल 4 विधायक (3 कांग्रेस से)
विरोध का कारणराज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान गैरहाजिरी और संभावित खरीद-फरोख्त
आरोपएनडीए द्वारा ‘विधायक चोरी’ और ‘वोट चोरी’ की नीति अपनाना
अगला कदमपार्टी नेतृत्व द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई और स्पष्टीकरण की मांग
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