पूर्व राज्यमंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव और नवादा से जदयू विधायक विभा देवी के छोटे बेटे अखिलेश कुमार यादव की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। गुरुवार देर शाम वे अपने घर से गाड़ी लेकर निकले थे, लेकिन घर से करीब 500 मीटर दूर ही उनकी थार एक पेड़ से टकरा गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद उनका शव पटना से उनके पैतृक गांव पथर इंग्लिश लाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटे का शव देखकर उनकी मां विभा देवी बेहोश हो गईं। अखिलेश कुमार नवादा में पेट्रोल पंप संचालित करते थे और उनका स्वभाव मिलनसार था। वे भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर काफी लोकप्रिय थे। उनके तीन बेटे हैं, जो पटना में पढ़ाई करते हैं। अंतिम संस्कार उनके दादाजी की प्रतिमा के सामने किया गया, जहां उनके 14 वर्षीय बड़े बेटे रचित ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

अखिलेश की मां विभा देवी नवादा से जदयू की विधायक हैं और इससे पहले वे राजद में भी रह चुकी हैं। वहीं उनके पिता राजवल्लभ प्रसाद यादव का राजनीतिक जीवन विवादों से घिरा रहा है। उन पर 2016 में एक नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। निचली अदालत ने इस मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी, हालांकि बाद में हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल गई। इस घटना के बाद उन्होंने राजनीतिक तौर पर अलग राह पकड़ी और उनकी पत्नी विभा देवी जदयू में शामिल हो गईं।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला 6 फरवरी 2016 का था, जब नालंदा की एक नाबालिग लड़की को बहाने से नवादा स्थित आवास ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस जांच, गिरफ्तारी और लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। करीब दो साल बाद निचली अदालत ने दोष सिद्ध करते हुए सजा सुनाई थी, जबकि बाद में उच्च न्यायालय से राजवल्लभ यादव को बरी कर दिया गया। इसके अलावा, 2017 में जेल में रहने के दौरान उन्होंने एक डीएसपी को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप झेला था, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।