खगड़िया में क्लिनिक की आड़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़; डॉक्टर के घर से भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद…

Ritu Raj

बिहार के खगड़िया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्वास्थ्य जैसे पवित्र पेशे को भी कलंकित कर दिया है। गोगरी अनुमंडल के महेशखूंट इलाके में पुलिस ने एक नामचीन क्लिनिक की आड़ में चल रहे हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट और नशीली दवाओं के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है।

महेशखूंट-सहरसा मुख्य मार्ग पर स्थित ‘हरिओम क्लिनिक’ पिछले कुछ समय से स्थानीय लोगों की नजरों में संदिग्ध था। क्लिनिक में मरीजों से ज्यादा असंबद्ध लोगों की आवाजाही ने ग्रामीणों के शक को पुख्ता कर दिया था। गोगरी SDPO साक्षी कुमारी को जब इसकी पुख्ता गुप्त सूचना मिली, तो उन्होंने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और ‘हरिओम क्लिनिक’ पर औचक छापेमारी कर दी। पुलिस के अंदर दाखिल होते ही वहां का दृश्य देखकर अधिकारी सन्न रह गए। क्लिनिक के केबिनों का इस्तेमाल इलाज के लिए नहीं, बल्कि अनैतिक कार्यों के लिए किया जा रहा था।

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क्लिनिक से लेकर डॉक्टर के बेडरूम तक छापेमारी;
पुलिस की कार्रवाई केवल क्लिनिक के कमरों तक ही सीमित नहीं रही। मामले की गंभीरता और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए SDPO के नेतृत्व में टीम संचालक डॉक्टर अभिमन्यु के निजी आवास पर भी पहुंची। वहां जो बरामदगी हुई, उसने इस पूरे केस को एक नए और खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। क्लिनिक से भारी मात्रा में ऐसी सामग्रियां मिलीं जो वहां नियमित रूप से चल रहे देह व्यापार की पुष्टि करती हैं। डॉक्टर के आवास से प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की एक बड़ी खेप बरामद की गई। बिहार में शराबबंदी के बीच इस तरह की नशीली दवाओं का मिलना एक बड़े ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

‘पति-पत्नी’ ही थे मास्टरमाइंड;
SDPO साक्षी कुमारी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि इस पूरे रैकेट के पीछे मुख्य सूत्रधार डॉक्टर अभिमन्यु और उनकी पत्नी हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह जोड़ा मिलकर क्लिनिक की आड़ में इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहा था। क्लिनिक को केवल एक ‘कवर’ की तरह इस्तेमाल किया जाता था ताकि प्रशासन और समाज की नजरों से बचा जा सके।

पुलिस की कठोर कार्रवाई और गिरफ़्तारी;
मौके से पुलिस ने कई युवक-युवतियों सहित संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस प्रशासन ने साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए क्लिनिक को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोगरी SDPO(साक्षी कुमारी) ने कहा- “जिले में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई एक चेतावनी है उन सभी के लिए जो कानून को ठेंगा दिखाकर ऐसे धंधे चला रहे हैं। हम इस गिरोह के गहरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं।”

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