गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट से निपटने के लिए पटना नगर निगम ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

निर्णय के अनुसार, पटना के सभी 75 वार्डों में पांच-पांच नए समरसेबल बोरिंग लगाए जाएंगे। इस योजना के लिए करीब 11.70 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसमें प्रत्येक बोरिंग पर लगभग 2.98 लाख रुपये खर्च होंगे। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने जानकारी दी कि जलापूर्ति केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए 63 नए कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही, निगम ने एक सामाजिक पहल के तहत सफाई कर्मियों के बच्चों के लिए ‘अभियान उड़ान’ योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। बैठक में डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी समेत अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी राहत दी गई है। उनके दैनिक मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। अब अकुशल कर्मियों को 424 रुपये, अर्द्धकुशल को 440 रुपये, कुशल को 536 रुपये और अतिकुशल श्रेणी के कर्मियों को 654 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। साथ ही, हर वार्ड में सफाई और छोटे मरम्मत कार्यों के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी, जिसके लिए प्रति वार्ड 2.98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत वार्ड-16 में 50.63 लाख रुपये की लागत से जलापूर्ति पाइपलाइन योजना को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, शहर के 27 जलापूर्ति केंद्रों पर 63 कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, वार्ड-30 में 27.86 लाख रुपये से नाला और सड़क निर्माण तथा वार्ड-3 में 67.06 लाख रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। चैती छठ के दौरान कराई गई 66 योजनाओं के लिए 5.88 करोड़ रुपये के भुगतान प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, दीघा क्षेत्र में आधुनिक विद्युत शवदाह गृह बनाने का निर्णय लिया गया है। लगभग 4.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सुविधा पर्यावरण के अनुकूल होगी। निगम ने कानूनी मामलों के बेहतर निपटारे के लिए एक सीनियर लीगल एडवाइजर नियुक्त करने का भी फैसला लिया है।