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पुलवामा हमले के बाद लगा की एशिया कप में भारत-पाक का भिड़ंत नहीं हो पाएगा। लेकिन यह महामुकाबला नहीं होने से भारत को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसका खुलासा BCCI ने खुद किया है। इसे लेकर संसद में विपक्ष ने केंद्र सरकार से सवाल भी पूछा है।
दरअसल, एशिया कप 2025 में भारत का पाकिस्तान से भिड़ंत होगा या नहीं, उस पर संशय बना हुआ है। इसे लेकर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत-पाक के मुकाबले को लेकर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल भी पूछे है। ओवैसी ने सांसद में कहा- ‘क्या आपकी अंतरात्मा आपको पहलगाम में मारे गए लोगों के परिवार वालों से भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच देखने के लिए कहने की इजाजत देती है? हम पाकिस्तान का 80% पानी रोक रहे हैं, ये कहते हुए कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बहेंगे। क्या आप क्रिकेट मैच खेलेंगे? मेरी अंतरात्मा मुझे वो मैच देखने की इजाजत नहीं देती। क्या इस सरकार में इतनी हिम्मत है कि वो 25 मृतकों को बुलाकर कहे कि हमने ऑपरेशन सिंदूर में बदला ले लिया है, अब आप पाकिस्तान के साथ मैच देखिए। ये बहुत अफसोस की बात है।’ बीसीसीआई ने खुलासा किया की अगर एशिया कप में भारत-पाक मैच नहीं हुआ तो 4 बड़े नुकसान हो सकते हैं।
BCCI अधिकारियों के अनुसार, अगर इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम पाकिस्तान का बहिष्कार करती है तो उसे फ्री के अंक मिल जाएंगे। तो ऐसे में पाकिस्तान इन पॉइंट्स की बदौलत फाइनल में भी जा सकता है और चैंपियन भी बन सकता है। दूसरा कारण है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में भारत का दबदबा कमजोर हो सकता है। इसके कारण टूर्नामेंट की कमाई पर भी असर पड़ेगा। इसके अलावा, अगर भारतीय टीम पाकिस्तान का बहिष्कार करती है तो एशियन ब्लॉक की एकजुटता कम होगी। और ICC की राजनीति में भी BCCI की पोजिशन कुछ कमजोर साबित हो सकती है। सबसे बड़ा कारण है कि ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले साल(2024) में ही अगले चार एशिया कप के ब्रॉडकास्ट राइट्स करीब 1500 करोड़ रुपए में बेचे जा चुके हैं।
हालांकि, BCCI ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मुद्दे पर आखिरी फैसला सरकार के हाथ में है। बोर्ड ने कहा है कि अगर सरकार हमें निर्देश देती है कि पाकिस्तान से नहीं खेलना है तो फिर हम कुछ नहीं कर सकते। जानकारी के लिए बता दें कि एशिया कप के इतिहास में बायकॉट के 2 वाकये हुए हैं। सबसे पहला, 1986 में हुए दूसरे एशिया कप में भारत ने श्रीलंका से खराब संबंध होने के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था। दूसरा, 1990-91 में हुए चौथे एशिया कप की मेजबानी भारत ने किया था। उस दौरान पाकिस्तान के भारत से संबंध ठीक नहीं चल रहे थे।