बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके अगले ही दिन राज्य में नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।

शनिवार सुबह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। आज पार्टी के अन्य नेता भी उनसे मुलाकात करेंगे। इस दौरान नई सरकार में जदयू की भूमिका, मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी और संभावित चेहरों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। वहीं, बीजेपी की भी बैठक हो रही है, जिसमें सरकार गठन पर मंथन किया जाएगा। हालांकि, विजय चौधरी ने फिलहाल सरकार बदलने की अटकलों पर स्पष्ट कुछ नहीं कहा। उनका कहना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने से तुरंत सरकार परिवर्तन की बात नहीं की जा सकती। शुक्रवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, जो उन्हें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिलाई। इस मौके पर एनडीए के कई नेता मौजूद रहे। इस शपथ के साथ नीतीश कुमार ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की है। वे उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद, चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा में यह उनका पहला कार्यकाल है। बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को वे कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे और 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं। उसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा।

दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने संकेत दिया कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक दिल्ली में काम कर चुके हैं और अब फिर से वहीं सक्रिय भूमिका निभाएंगे, हालांकि पटना आना-जाना जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में जदयू को पहले से ज्यादा अहम भूमिका मिल सकती है। पार्टी को पहली बार उपमुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना है और दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इनमें से एक पद पर निशांत कुमार का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जिससे पार्टी का नेतृत्व नई पीढ़ी को सौंपे जाने के संकेत मिलते हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का पद भी जदयू को मिल सकता है। वहीं, राजद सांसद सुधाकर सिंह ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की। उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उनका आरोप है कि राज्य में लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
CM रेस में ये 5 नाम;


