Monalisa Viral Case: फर्जी निकला जन्म प्रमाण पत्र, शादी के वक्त सिर्फ इतनी थी उम्र; फंस गए पति फरमान!..

Ritu Raj

प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई मोनालिसा एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। हालिया खुलासे ने न केवल उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है, बल्कि उनके पति फरमान खान की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह पुष्ट हुआ है कि शादी के वक्त मोनालिसा नाबालिग थीं।

जांच में हुआ उम्र का बड़ा खुलासा;
NCST के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में सामने आया कि मोनालिसा, जो पारधी जनजाति से संबंध रखती हैं, की उम्र को लेकर हेरफेर किया गया था। जांच में पाया गया कि नगरपालिका महेश्वर से एक गलत जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया था ताकि उन्हें बालिग दिखाया जा सके। वहीं, जब महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। 11 मार्च को केरल में हुए निकाह के समय उनकी वास्तविक उम्र मात्र 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी।

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कानूनी कार्रवाई और धाराएं;
1) पॉक्सो एक्ट (POCSO): नाबालिग के साथ यौन संबंध और विवाह के कारण।
2) एट्रोसिटी एक्ट (SC/ST Act): पीड़िता के अनुसूचित जनजाति से होने के कारण।
3) भारतीय न्याय संहिता (BNS): साजिश और धोखाधड़ी से विवाह करने की धाराएं।
4) आयोग का सख्त रुख: NCST ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केरल और मध्य प्रदेश के DGP को 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन जारी किया है।

कितनी मुश्किल में हैं फरमान खान?
– पॉक्सो एक्ट: 2019 के संशोधन के बाद, गंभीर मामलों में न्यूनतम सजा 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक हो सकती है। – – सामान्यतः ऐसे मामलों में कम से कम 10 साल की सजा का अनुमान लगाया जा रहा है।
– सहमति का कोई महत्व नहीं: कानूनन 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे की ‘सहमति’ का कोई मूल्य नहीं होता। यदि मोनालिसा ने अपनी मर्जी से भी शादी की हो, तब भी कानून इसे अपराध ही मानेगा।
– SC/ST एक्ट: इस कानून के तहत कठोर सजा के साथ-साथ तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान है, जिसमें 6 महीने से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

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