सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रीय हो चुका है. मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के 31 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 11 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. अगले 24 घंटों के भीतर कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर साफ दिखने लगा है. कोसी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सीवान के गोपालपुर में नहर का बांध टूट गया, जिससे स्थानीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा मार्ग पर 2 फीट तक पानी भर गया है.मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटरा पीपा पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों में दहशत का माहौल है.
झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है. नालंदा और जहानाबाद में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं. 6 स्थानों पर तटबंध और बांध क्षतिग्रस्त होने की खबर है.सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में हैं, लेकिन अगर बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट वर्षा होने से अधिकतम तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को भीषण गर्मी एवं लू से राहत मिलेगी.
पिछले एक सप्ताह से मौसम में नरमी आई है. राजधानी का अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 40.0 डिग्री सेल्सियस के साथ डेहरी प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा. सोमवार को डेहरी, छपरा को छोड़ कर पटना समेत शेष जिलों के अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री गिरावट दर्ज की गई है.