सिटी पोस्ट लाइव:अमित शाह ने बिहार में एनडीए का चुनावी शंखनाद कर दिया.मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए की हुई बैठक में ये साफ़ हो गया है कि एनडीए विधानसभा चुनाव 2025 नीतीश कुमार के नेत्रित्व में लडेगा.लेकिन महागठबंधन के भीतर घमाशान मचा हुआ है. महागठबंधन में एक बैठक तक नहीं हुई है. फिलहाल इस बात को लेकर कांग्रेस और आरजेडी में तकरार भी बढ़ी हुई है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा महागठबंधन का कौन होगा.कांग्रेस चुनाव के पहले तेजस्वी यादव को CM कैंडिडेट मानने को तैयार नहीं है वहीं, दूसरी तरफ आरजेडी ने साफ कर दिया है कि चेहरा मुख्यमंत्री का तेजस्वी ही होंगे. नीतीश कुमार के नेत्रित्व में चुनाव
चुनाव में इसबार कांग्रेस को उसकी मनमाफिक सीटें नहीं मिलेंगी तो वह अकेले या फिर दूसरे गठबंधन की कोशिश कर सकती है.ये चर्चा भी है कि जन-सुराज के प्रशांत किशोर के साथ कांग्रेस की बातचीत चल रही है.अगर आरजेडी के साथ बात नहीं बनी तो कांग्रेस जन-सुराज और दुसरे छोटे छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतर सकती है. कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के तेवर भी काफी कड़े हैं. अब तक उन्होंने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात तक नहीं की है. इतना ही नहीं नये बने अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी लालू यादव से मुलाकात नहीं की है जिसने आरजेडी को परेशान कर रखा है.
कांग्रेस के अन्य विधायक भी मुखर हो चले हैं. लालू प्रसाद यादव के इस बयान को लेकर कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता, कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इसका फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी करेंगे. पहले बिहार में सीट का बंटवारा ठीक से हो जाए, उसके बाद इन बातों पर चर्चा की जाएगी. अजीत शर्मा ने कहा, जहां जो जीतने वाले हैं उस तरह से सीट का बंटवारा किया जाए, इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव सहित तेजस्वी यादव बैठकर जो फैसला लेंगे, वही मान्य होगा.
एक तरफ एकता के बहाने एनडीए महागठबंधन पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की तैयारी में जोर शोर से जुटा हुआ है. एनडीए की संयुक्त रैली के बाद एनडीए की रणनीति अब जिला में इस तरह के बैठक का आयोजन करने की तैयारी है.यहां जिला और प्रखंड स्तर पर एनडीए नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक होगी, ताकि चुनाव के पहले एनडीए में पूरी तरह से एकजुटता हो जाए और इसका फ़ायदा चुनाव में मिल सके.दूसरी तरफ लालू यादव और कांग्रेस के बीच रार जारी है.