सिटी पोस्ट लाइव : एयर इंडिया का विमान दुर्घटना महज संयोग नहीं बल्कि लापरवाही का नतीजा था. एयर इंडिया के दो पूर्व कैबिन क्रू मेंबर्स ने दावा किया है कि अगर DGCA यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने उनकी वॉर्निंग्स को सीरियसली लिया होता तो AI171 Crash हादसे को टाला जा सकता था.DGCA के सेफ्टी वॉर्निंग्स नजरअंदाज करने की वजह से विमान दुर्घटना हुई है . ये खुलासा करनेवाले इन क्रू मेंबर्स को AI171 अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़े सेफ्टी लैप्सेस को उठाने के लिए नौकरी से निकाला दिया गया था.
14 मई 2024 को VT-ANQ फ्लाइट (मुंबई-लंदन) में डोर L4 का स्लाइड राफ्ट मैनुअल मोड में खुल गया था, जिसकी पुष्टि पायलट और इनचार्ज ने लिखित में की थी. उन्होंने Complaint No. 65682/2024 को 22 जुलाई 2024 को सेंट्रल विजिलेंस कमीशन में फाइल किया था, लेकिन DGCA ने इसे सिर्फ “इनफॉर्मल डिस्कशन” तक सीमित रखा. आरोप है कि इसपर कोई औपचारिक जांच नहीं बैठाई गई. क्रू का आरोप है कि एयर इंडिया मैनेजमेंट और DGCA ने B787/8 ड्रीमलाइनर की टेक्निकल प्रॉब्लम्स की कई शिकायतें दबा दीं, जो अहमदाबाद प्लेन क्रैश जैसे हादसे की बड़ी वजह बनीं.
व्हिसलब्लोअर का दावा है कि 14 मई 2024 की घटना में उन पर स्टेटमेंट बदलने का प्रेशर डाला गया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि बिना प्रॉपर इंक्वायरी के उन्हें 48 घंटे में नौकरी से निकाल दिया गया. उन्होंने इसे अपने कॉन्स्टीट्यूशनल राइट्स (आर्टिकल 14 और 21) के उल्लंघन का मामला बताया. दूसरी क्रू और कैप्टन्स की गवाहियां भी नजरअंदाज की गईं.
दावा है कि सितंबर 2024 में DGCA की इनफॉर्मल मीटिंग के बाद भी कोई रिपोर्ट नहीं आई, जो सवाल खड़े करती है. यह खुलासा बताता है कि सेफ्टी वॉर्निंग्स को अनदेखा करना कितना खतरनाक हो सकता है. इस खुलासे के बाद DGCA और एयर इंडिया के काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं. क्या उनकी लापरवाही ने इतनी जिंदगियां छीन ली?