सिटी पोस्ट लाइव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की विदेश यात्रा का समापन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ हुआ। अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव में ओमान पहुंचे पीएम मोदी को वहां के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया। यह प्रधानमंत्री मोदी के खाते में जुड़ने वाला 29वां अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत कूटनीति का प्रमाण है।
अल बराका पैलेस में द्विपक्षीय वार्ता और सम्मान
मस्कट के अल बराका पैलेस में आयोजित एक भव्य समारोह में पीएम मोदी को यह सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार भारत और ओमान के बीच रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके व्यक्तिगत योगदान को मान्यता देता है। सम्मान समारोह के बाद दोनों नेताओं के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
CEPA और आर्थिक सुधारों का जिक्र
इंडिया-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को दोनों देशों के रिश्तों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापारिक रिश्तों को नई गति और आत्मविश्वास देगा। पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का खाका खींचते हुए GST और IBC (इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) जैसे सुधारों का उल्लेख किया, जिन्होंने भारत को दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी बाजारों में खड़ा कर दिया है।
शिक्षा के 50 साल और भारतीय समुदाय का गौरव
ओमान में भारतीय स्कूलों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ओमान में रह रहे भारतीय ‘सह-अस्तित्व’ के जीवंत उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी गर्व जताया कि UNESCO ने दीवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है।
भविष्य की तकनीक: AI और स्पेस पर जोर
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लर्निंग, स्पेस सेक्टर, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और मानवता के लिए नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
ओमान में भारत के राजदूत ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के 70 साल के कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।